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हादसे रोकने को डिवाइडर पर लगाए पिलर तोड़े, फिर से समस्या

– एनएचएआई ने पुलिस प्रशासन के निर्देश पर लगाए थे पिलर – राष्ट्रीय राजमार्ग आगरा-मुंबई का मामला धौलपुर. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आगरा-मुंबई पर डिवाइडरों के बीच खाली जगह से दुपहिया वाहन समेत अन्य के निकलने से रोकने के लिए गत दिनों एनएचएआई ने पिलर और सीमेंटेड पिलर लगाए थे। लेकिन इन पिलरों को जल्दबाजों ने […]

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हादसे रोकने को डिवाइडर पर लगाए पिलर तोड़े, फिर से समस्या To prevent accidents, the pillars on the divider were broken, but the problem arose again

- एनएचएआई ने पुलिस प्रशासन के निर्देश पर लगाए थे पिलर

- राष्ट्रीय राजमार्ग आगरा-मुंबई का मामला

धौलपुर. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आगरा-मुंबई पर डिवाइडरों के बीच खाली जगह से दुपहिया वाहन समेत अन्य के निकलने से रोकने के लिए गत दिनों एनएचएआई ने पिलर और सीमेंटेड पिलर लगाए थे। लेकिन इन पिलरों को जल्दबाजों ने तोड़ दिए। मचकुंड रोड से सागरपाउा रोड की तरफ कुछ जगह सीमेंटेड पिलर लगाए थे, जिससे हाइवे पर गलत तरीके से निकलने वालों को रोका जा सके। लेकिन पिलर को तोडऩे से वापस हादसे की आशंका बढ़ गई। उधर, संबंधित थाना पुलिस की ओर से हाइवे पर ध्यान नहीं देने की वजह से जल्दबाजों की हरकतों से सुधार की कार्रवाई को पलीता लगा है।

कटों में होकर निकलते है दुपहिया चालक

धौलपुर शहर से हाइवे संख्या 44 गुजर रहा है। एमपी की तरफ से सागरपाडा चौकी से होते हुए यह धौलपुर शहर, सदर थाना, मनियां और बरैठा यूपी बॉर्डर तक है। इस दौरान कई स्थानों पर डिवाइडरों की हालत खराब है। लोग आसानी से डिवाइडरों पर चढ़ कर वाहन निकालते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। मनियां थाना पुलिस ने पूर्व में रिपोर्ट भी दी थी।

वारवक्र्स चौराहा कट....इसलिए बंद

शहर का व्यस्त और खतरनाक चौराहे में शुमान वाटरवक्र्स चौराहे पहले खुला हुआ था। हालांकि, यहां पर ट्रेफिक लाइट्स लगी है लेकिन यह ज्यादा काम नहीं आ पाई हैं। हादसे रोकने और गत आयोजित शरद महोत्सव की भीड़ को लेकर इस चौराहे को बेरीकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था। जिसके बाद यह बंद है। हालांकि, शहर के वाहन चालकों को कुछ परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्हें अब लम्बा फेरा लगाकर निकलना पड़ता है।

- रैलिंग इत्यादि को तोड़ा है तो एनएचएआई से बात कर जांच करवाई जाएगी। साथ ही स्थानीय पुलिस को भी निगाह रखने के लिए कहेंगे। जिससे इस तरफ की घटना न हो।

- कृष्णराज जांगिड, सीओ शहर