
32 किलो चांदी से बन रहे हैं दरवाजे, भवन में लग रहा वियतनाम का सफेद पत्थर
32 किलो चांदी से बन रहे हैं दरवाजे, भवन में लग रहा वियतनाम का सफेद पत्थर
- 16 जनवरी को सिंहासन पर विराजेंगी माता रानी
- 5100 दीपों से होगा दीपोत्सव कार्यक्रम, 8 जनवरी को होगा नवीन देवों का नगर भ्रमण,
वीरेन्द्र चंसौरिया
dholpur, बाड़ी. श्रीराजराजेश्वरी कैलादेवी का नवीन भवन लगभग बनकर तैयार हो चुका है। आगामी 16 जनवरी को माता रानी हनुमान, भैरव, शिव परिवार लांगुरिया, गणेश, शनिदेव सहित अपने नवीन सिंहासन पर विराजेंगी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से 7 जनवरी की शाम 5100 दीपों के द्वारा दीपोत्सव मनाया जाएगा। इसका दायित्व संगम क्लब निभाएगा। बाड़ी-सरमथुरा रोड पर स्थित राजराजेश्वरी कैला माता मंदिर के जीर्णोंद्धार में प्रसिद्ध वस्तुओं का उपयोग किया जा रहा है। जीर्णोंधार कार्य में जुटी मां जगदंबा सेवा समिति ने बताया कि माता रानी के भवन में वियतनाम का सफेद पत्थर इस्तेमाल हो रहा है। मंदिर की जालियां भी विशिष्ट कारीगरों के द्वारा तैयार कराई जा रही हैं। मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री संजीव शर्मा ने बताया कि करीब 5 करोड़ से मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य करवाया जा रहा है। मंदिर करीबन एक बीघा भूमि में स्थित है।
32 किलो चांदी से होगा दरवाजों का निर्माणमंदिर के दरवाजों का निर्माण 32 किलो चांदी से किया जा रहा है तो वहीं मंदिर की रखवाली के लिए 4 कुंतल के दो पीतल के शेर भी बनवाए जा रहे हैं।
8 जनवरी को होगा नवीन देवों का नगर भ्रमण
श्री कैला देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश गर्ग ने बताया कि 8 जनवरी को सुबह 8.30 बजे से एक विशाल कलश यात्रा तथा नवीन देवों की प्रतिष्ठा होनी है। उनका नगर भ्रमण मंदिर से शुरू होकर शहर के अंबेडकर पार्क, हॉस्पिटल रोड, सीताराम बाजार, लुहार बाजार, सर्राफा बाजार, किला गेट व कोटा पाड़ा होते हुए मंदिर पर पहुंचेगा। उसी दिन से शत चंडी पाठ हवन पूजन कीर्तन के कार्यक्रम 15 जनवरी तक चलेंगे। इस दौरान मंदिर भवन के दर्शन पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। 15 जनवरी को ही शतचंडी पाठ का हवन एवं पूर्ण आहुति होगी। अगले दिन सुबह माता रानी सभी देवो सहित अपने नवीन स्थान पर विराजेंगे। इसके बाद प्रसिद्ध संत भास्करा नंद, कुल्हाडा आश्रम बालों के द्वारा मंदिर भवन का अनावरण होगा। मंदिर में भक्तों का दर्शनार्थ प्रवेश होगा।
भामाशाहों को किया जाएगा सम्मानित
ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी हरिशंकर मंगल ने बताया कि उसी दिन शाम को मंदिर परिसर में भामाशाहों का आभार प्रकट तथा सम्मान समारोह होगा। इसमें सभी भामाशाह एवं सहयोग करने वालों का सम्मान किया जाएगा। 17 जनवरी को सुबह छप्पन भोग एवं फूल बंगला का दर्शन होगा। दोपहर को भंडारा होगा।
- 8 जनवरी से 15 जनवरी तक होने वाली शतचंडी पाठ एवं प्रतिष्ठित देवों की मूर्तियों का कलेवर का कार्यक्रम कैलादेवी से आने वाले 15 ब्राह्मण करेंगे तथा इसी दिन इस पाठ की हवन कर पूर्णाहुति होगी।- संजीव कुमार, महामंत्री, ट्रस्ट श्री जगदंबा संघ बाड़ी
Published on:
27 Dec 2022 06:15 pm
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