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दशहरा कल, नए व्यापार, गृह प्रवेश व वाहन खरीदने का श्रेष्ठ मुहूर्त

- महानवमी आज, देवी प्रतिमाओं का होगा विसर्जन - ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दशहरा का पर्व है अबूझ मुहूर्त #Dussehra 2022 news dholpur: धौलपुर. हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर दशहरा का पर्व मनाया जाता है। यह त्योहार हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है।

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 Dussehra tomorrow, the best time to buy new business, home and vehicle

दशहरा कल, नए व्यापार, गृह प्रवेश व वाहन खरीदने का श्रेष्ठ मुहूर्त

दशहरा कल, नए व्यापार, गृह प्रवेश व वाहन खरीदने का श्रेष्ठ मुहूर्त

- महानवमी आज, देवी प्रतिमाओं का होगा विसर्जन

- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दशहरा का पर्व है अबूझ मुहूर्त

#Dussehra 2022 news dholpur: धौलपुर. हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर दशहरा का पर्व मनाया जाता है। यह त्योहार हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। दशहरा पर्व अच्छाई की बुराई पर जीत का त्योहार के रूप में मनाए जाने वाला त्योहार है। इसी तिथि पर भगवान राम ने लंका नरेश रावण का वध किया था। दशहरा के त्योहार को कई जगहों पर विजयादशमी के नाम से जाना है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दशहरा का पर्व एक अबूझ मुहूर्त है यानी इसमें बिना मुहूर्त देखे सभी तरह के शुभ कार्य और खरीदारी की जा सकती है। दशहरे पर्व पर शस्त्र पूजा भी की जाती है। अंचल में विजयादशमी का पर्व बुधवार को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। विजयादशमी अबूझ और स्वंय सिद्ध मुहूर्त होने से इस दिन नवीन व्यापार आरंभ, गृह प्रवेश मुहूर्त व नए वाहनों की खरीद आदि खूब होगी। इस दिन सभी कार्य सिद्धिदायक कहे गए हैं।

दशहरा विजय का प्रतीक है। इस दिन शस्त्र पूजा की जाती है। हनुमानजी को चोला चढ़ाकर ध्वजा चढ़ाई जाती है। भगवान राम की पूजा की जाती है। रामचरितमानस के पाठ किए जाते हैं। हनुमानजी के मंदिर में भी दशहरे पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। महंत कृष्णदास ने बताया कि दशहरे पर रवि योग व कुमार योग पूरे दिन रहेगा जो हर कार्य में सिद्धिदायक रहता है। त्रेता युग में इस दिन भगवान राम ने लंकापति रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत दर्ज की थी, इसलिए इसे विजयादशमी भी कहते हैं।

विजयादशमी पर इस साल चार शुभ योग रवि, कुमार, सुकर्मा और धृति योग का संयोग बन रहा है, जो इस दिन के महत्व को दोगुना करेगा।विजयदशमी शुभ मुहूर्त विजय मुहूर्त - 14:07 से 14:54 तकअवधि- 47 मिनटअपराह्न मुहूर्त 13:20 से 15:41 तकज्योतिष शास्त्र के विद्वानों के अनुसार दशहरा पूजन 5 अक्टूबर, बुधवार को दशमी तिथि विजय मुहूर्त के संयोग में भगवान श्रीराम,वनस्पति और शस्त्र पूजा करनी चाहिए। फिर इसके बाद दशहरा की शाम को रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है। ज्योतिष शास्त्र में विजयादशमी को अबूझ मुहूर्त माना गया है। यानी इस दिन सभी तरह के शुभ मुहूर्त संपन्न किए जा सकते हैं। इसके अलावा दशहरे पर जमीन-जायदाद की खरीदारी,सोने के आभूषण, कार,मोटर साइकिल और हर तरह की खरीदारी की जा सकती है।