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पेट्रोल में बढ़ी एथेनॉल की मात्रा, रंग हुआ हल्का गुलाबी

पेट्रोल पंप में गाड़ी में पेट्रोल भरवाते समय अगर पेट्रोल का रंग हल्का गुलाबी देखे तो घबराने की जरुरत नहीं है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर पेट्रोलियम कंपनियों में पेट्रोल में अब एथेनॉल मिश्रण की मात्रा बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी है। जबकि इससे पहले यह मात्रा 10 फीसदी थी।

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पेट्रोल में बढ़ी एथेनॉल की मात्रा, रंग हुआ हल्का गुलाबी

पेट्रोल में बढ़ी एथेनॉल की मात्रा, रंग हुआ हल्का गुलाबी

धौलपुर. पेट्रोल पंप में गाड़ी में पेट्रोल भरवाते समय अगर पेट्रोल का रंग हल्का गुलाबी देखे तो घबराने की जरुरत नहीं है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर पेट्रोलियम कंपनियों में पेट्रोल में अब एथेनॉल मिश्रण की मात्रा बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी है। जबकि इससे पहले यह मात्रा 10 फीसदी थी। गौरतलब रहे कि हाल में नई दिल्ली में संपन्न हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अन्य देशों से ईंधन मिश्रण के क्षेत्र में एक साथ काम करने का आह्वान किया था। खास बात ये है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत तक ले जाने के लिए एक वैश्विक पहल का प्रस्ताव रखा गया। यानी आने वाले कुछ समय में ग्राहकों को पंपों में 20 फीसदी एथेनॉल की मात्रा वाला ही पेट्रोल खरीदना होगा। हालांकि, अभी पेट्रोलियम कंपनियों ने इसकी शुरुआत कर दी है लेकिन फिलहाल 20 फीसदी वाला पेट्रोल की सप्लाई सीमित है। बताते कि देश में वाहनों में ईंधन के तौर पर ई10 ऑटोमोबाइल फ्यूल का उपयोग करता है। जिसमें 10 प्रतिशत एथेनॉल और 90 प्रतिशत पेट्रोल शामिल है। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयास में केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को 5 साल कम करते हुए 2030 से 2025 कर दिया है।


विदेशों पर निर्भरता कम होगी

केन्द्र सरकार ने वर्ष 2022 तक पेट्रोल में 10 प्रतिशत तथा वर्ष 2030 तक 20 प्रतिशत एथेनॉल का सम्मिश्रण करने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में पेट्रोल के साथ लगभग 10 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जा रहा है। जबकि वर्ष 2014 में इस सम्मिश्रण का स्तर 1 से 1.5 प्रतिशत ही था। बताते दे कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, जो अपनी 85 प्रतिशत से अधिक मांग विदेशों से पूरा करता है। यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच भारत से रूस से बड़ी मात्रा में कम दामों पर क्रूड ऑयल की खरीद की थी। एथेनॉल का मिश्रण बढऩे से भारत की क्रूड ऑयल पर भविष्य पर निर्भरता कम होगी। बताते दे कि तेल मंत्रालय ने एक अप्रेल 2023 से पेट्रोल में एथेनॉल के 20 प्रतिशत तक का सम्मिश्रण को शुरू करने के लिए एक गजट अधिसूचना जारी की थी। देश में बेचे जाने वाले सभी पेट्रोल में वर्ष 2025 तक 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, अभी देश में एथेनॉल कम है। इसका उत्पादन गन्ना या गुड़ आधारित होता है और शेष अन्य अनाज से है।

एथेनॉल को लेकर असमंजस में ग्राहक

अभी एथेनॉल को लेकर ग्राहक असमंजस की स्थिति में बना हुआ है। खास बात ये है कि एथेनॉल मिश्रण पेट्रोल पानी के संपर्क में आता है तो वाहन की टंकी में भरे ऑयल को नुकसान पहुंचता है। शहर में पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल मिक्स पेट्रोल मिल रहा है जिसका रंग हल्का गुलाबी है। कई दफा ग्राहक इस पेट्रोल को लेकर शिकायत करते हैं कि टंकी में पानी हो गया। जबकि एथेनॉल पानी जैसा ही होता है। जिससे ग्राहक फिलहाल इस ऑयल को लेने में हिचक रहे हैं। पेट्रोल पंप मालिक जयंत मोदी ने बताया कि एथेनॉल की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ेगी। इसको लेकर पंप पर प्रचार भी शुरू कर दिया है। भविष्य के वाहनों में एथेनॉल युक्त ही पेट्रोल उपयोग में आएगा।