
- जिले के वन विहार इलाके में 34 साइट्स पर लगवाए पौधे
- तीन समितियों के जरिए हुआ कार्य, 2.52 करोड़ रुपए का हिसाब बाकी
- श्रमिकों ने कागजातों में हेराफेरी का आरोप लगाते एसपी से शिकायत
धौलपुर. गत वर्ष प्रदेशभर में चलाए वन विभाग की ओर से चलाए पौधरोपण कार्यक्रम के तहत धौलपुर जिले में चंबल अभ्यारण्य की ओर से भी जिले के वन विहार इलाके में 34 साइट्स पर करीब 5 लाख पौधे तैयार कर उन्हें जगह-जगह लगवाए और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई। पौधे तैयार और लगाने का कार्य तीन समितियों ने किया। समितियों ने करीब 500 श्रमिकों की सहायता से कार्य किया। पौधरोपण कार्य को लेकर अभी तक समितियों के पास मात्र 25 फीसदी राशि पहुंच पाई। जबकि 2 करोड़ 52 लाख रुपए अभी शेष है। राशि का भुगतान नहीं होने और सेंचुरी के वन कर्मियों पर कथित तौर पर आरोप लगाते हुए गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रमिक जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां एसपी सुमित मेहरड़ा को ज्ञापन सौंपकर राशि दिलाने की मांग की। जिस पर एसपी ने डीएफओ आशीष व्यास से बात की। उन्होंने बताया कि भुगतान के लिए कुछ बिल ट्रेजरी गए हुए हैं। उधर, मामले मेें चंबल सेंचुरी डीएफओ आशीष व्यास से बात करनी चाही लेकिन उनका फोन नॉट रिचेबल मिला।
सागर पाड़ा नर्सरी में तैयार हुए थे पौधे
शहर में एमपी बॉर्डर स्थित सागर पाडा स्थित चंबल सेंचुरी कार्यालय पर अस्थाई नर्सरी तैयार कर यहां पर विभिन्न चरणों में करीब 5 लाख पौधे तैयार किए गए थे। यहां से पौधों को लगाने के लिए वन विहार की 34 साइट्सों पर भेजा गया था। इसमें 10 साइट्स पर 25-25 हजार और 24 साइट्स पर 10-10 हजार पौधे भेजे गए। श्रमिकों से कार्य कराने वाले ठेकेदार जयराम ने बताया कि श्रमिकों ने पौधे तैयार किए, फिर लगाए और निराई गुढाई भी की गई। लेकिन अभी तक समितियों को भुगतान नहीं हुआ है। पुराने कार्मिकों को निलम्बित करने के बाद नए कार्मिकों को जानकारी नहीं है और वह अपने हिसाब से कार्य कर रहे हैं। देरी से श्रमिक परेशान हैं।
इन समितियों के जरिए हुआ कार्य
वन विहार में पौधरोपण समेत अन्य कार्य के लिए चंबल सेंचुरी ने तीन समिति कूंकपुर, कुआखेड़ा व निभी समिति को कार्य सौंपा था। जिसमें कूंकपुर समिति ने 17, कुआखेड़ा ने 10 और निभी समिति ने 7 स्थानों पर कार्य किया। तीनों समिति के जरिए करीब 512 श्रमिकों ने कार्य किया।
2.52 करोड़ रुपए अभी शेष
श्रमिकों ने कहा कि तीनों समितियों के पास अभी तक केवल 25 फीसदी राशि ही पहुंची है। जबकि 2 करोड़ 52 लाख से अधिक राशि अभी आनी शेष है। इसको लेकर अधिकारियों को बताया जा चुका है पर अभी तक राशि नहीं आई है। यह कार्य समितियों ने 1 जून से 20 दिसम्बर 2024 तक किया था। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि पुराने दो कार्मिकों के निलम्बित होने से बिल सही नहीं बन पाए हैं। श्रमिक व ठेकेदार ने कहा कि पुराने कार्मिक, समिति अध्यक्ष और नए डीएफओ बैठक करने के बाद ही सही भुगतान प्रक्रिया हो पाएगी। आरोप है कि समितियों ने अभी वर्तमान में हस्ताक्षर नहीं किए, फिर भी बिल कैसे तैयार हो गए।
- अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। वर्तमान में किसी भी कागजात पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। कार्यालय की ओर से कोई जानकारी भी नहीं दी है। श्रमिक परेशान हैं।
- रामअवतार, अध्यक्ष कुंकपुर समिति
Published on:
04 Apr 2025 05:57 pm
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