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200 बेड के अस्पताल में समस्याओं का अंबार, स्टाफ की लापरवाही मरीजों की जान पर पड़ रही भारी

बाड़ी. यहां सामान्य चिकित्सालय में लगातार अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं। अभी हाल ही में एक अधिवक्ता की मां के इलाज में अव्यवस्थाएं सामने आई। लेकिन इस घटना के बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं।

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Heaps of problems in 200 bed hospital, negligence of staff is costing lives of patients

200 बेड के अस्पताल में समस्याओं का अंबार, स्टाफ की लापरवाही मरीजों की जान पर पड़ रही भारी

200 बेड के अस्पताल में समस्याओं का अंबार, स्टाफ की लापरवाही मरीजों की जान पर पड़ रही भारी

बाड़ी. यहां सामान्य चिकित्सालय में लगातार अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं। अभी हाल ही में एक अधिवक्ता की मां के इलाज में अव्यवस्थाएं सामने आई। लेकिन इस घटना के बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। सामान्य चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट को लगे हुए तकरीबन 1 साल से अधिक हो गया है लेकिन ऑक्सीजन लगाने की कुशलता वाले कर्मचारी यहां उपलब्ध नहीं हैं। जबकि कोरोना के समय इस ऑक्सीजन प्लांट को लगाने के लिए विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने कोरोना काल में काफी मशक्कत की थी। जिस पर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो सका। मगर लचर अव्यवस्थाओं से मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

स्ट्रेचर लाने ले जाने के लिए नहीं वार्डबॉय

200 बेड का अस्पताल होने के बावजूद भी यहां स्ट्रेचरों की कमी बनी हुई है। वहीं, अस्पताल में जो स्ट्रेचर उपलब्ध हैं उन्हें भी एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए वार्डबॉय तक नहीं हैं। ऐसे में कई बार एंबुलेंस से आने वाले गंभीर मरीजों को वार्ड में शिफ्ट तथा एंबुलेंस में शिफ्ट करने को लेकर मरीज के परिजनों को काफी जद्दोजहद उठानी पड़ती है।

अस्पताल में बीपी स्टूमेंट समेत अन्य संसाधन की कमी

अस्पताल में सामान्य स्टूमेंट जिससे ब्लड प्रेशर की जांच होती है वह भी कम उपलब्ध है। वर्तमान में भारत डायबिटीज के मरीजों का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां डायबिटीज चेक करने के लिए शुगर स्टिक तक उपलब्ध नहीं है। चिकित्सकों की मानें तो प्रसूताओं के ब्लड प्रेशर को जांचने की बार-बार आवश्यकता रहती है। लेकिन इसके बाद भी ब्लड प्रेशर चेक करने का स्टूमेंट न के बराबर है।

नहीं संभल रही व्यवस्थाएं

लगातार बिगड़ रही अव्यवस्थाओं को लेकर सामान्य चिकित्सालय के पीएमओ पर अब सवाल उठने लगे हैं। जन सामान्य का कहना है कि सामान्य चिकित्सालय में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है। चिकित्सा विभाग के उच्चाधिकारी एवं प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों को अब सामान्य चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर बराबर ध्यान देना होगा। तब कहीं जाकर व्यवस्था में सुधार की उम्मीद हो सकेगी।

- लापरवाह चिकित्सक एवं कंपाउंडर के मामले को लेकर स्थानीय एसडीएम छुट्टी पर हैं। उनके आने पर नोटिस में दे दिया जाएगा। उच्च अधिकारी ही कार्रवाई करेंगे।
- डॉ.हरीकिशन मंगल, पीएमओ बाड़ी

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