31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बरसात की बेरुखी का पार्वती बांध पर असर, पानी की आवक धीमी, सिचाई विभाग चिंतित

- बांध में सिर्फ 2.30 मीटर पानी की हुई आवक, 216.70 तक पहुंचा गेज

2 min read
Google source verification
बरसात की बेरुखी का पार्वती बांध पर असर, पानी की आवक धीमी, सिचाई विभाग चिंतित Indifference of rains affects Parvati Dam, water inflow is slow, irrigation department worried

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 41;

- बांध में सिर्फ 2.30 मीटर पानी की हुई आवक, 216.70 तक पहुंचा गेज

dholpur. जिले का पार्वती बांध अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। पार्वती बांध में पानी की आवक धीमी होने से लगातार दूसरी साल पूरा भरने की संभावना कम है। पार्वती बांध में अब तक सिर्फ 2.30 मीटर पानी की आवक हुई है जो औसत से भी कम है। पार्वती बांध की कुल भराव क्षमता 223.41 मीटर है लेकिन अब तक 216.70 तक ही गेज पहुंचा है। जबकि पार्वती बांध का 786 वर्ग किमी कैचमेंट एरिया है। वहीं बांध में पार्वती व शैरनी नदियों सहित कई नालों से पानी की आवक होती है।

लेकिन लगातार दूसरी वर्ष पार्वती बांध में पानी की आवक धीमी होने से अस्तित्व पर संकट छा गया है। पार्वती बांध में सबसे अधिक पानी की आवक करौली जिले से होती है वहीं पार्वती व शैरनी नदियों का उदगम भी यही से होता है। लेकिन करौली जिले मे हल्की बारिश के कारण पार्वती बांध में पानी की आवक रूक गई है। जिसका असर जिले के बाड़ी, बसेड़ी, सैपऊ व सरमथुरा उपखंड में पड़ सकता है। पार्वती बांध से सरमथुरा उपखंड में पेयजल व बाड़ी, बसेड़ी व सैपऊ उपखंड में सिचाई के लिए पानी की पूर्ति करता है। पार्वती बांध में पानी की आवक धीमी देख सिचाई विभाग के अधिकारी भी चिंतित है।

पार्वती बांध से प्रतिदिन लाखों लीटर पानी की खपत-

पार्वती बांध से वृहद ग्रामीण पेयजल योजना के तहत सरमथुरा शहर सहित 93 गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जलदाय विभाग द्वारा पार्वती बांध से प्रतिदिन 10 मिलियन लीटर प्रति दिन यानि 100 लाख लीटर पानी की नियमित आपूर्ति करता है। जिसके लिए जलदाय विभाग द्वारा पार्वती बांध पर पंपहाउस व जोरगढी में प्लांट लगाया हुआ है। लेकिन पार्वती बांध में क्षमता से कम पानी होने पर पेयजल व सिचाई दोनो पर ही असर पड़ने की संभावना है।

पिछली वर्ष एक मीटर खाली रह गया था बांध-

पार्वती बांध में लगातार दूसरी साल पानी की पूर्ति होना मुश्किल दिखाई दे रहा है। पार्वती बांध के 2022 में ओवरफ्लो होने पर गेट खोले गए थे लेकिन 2023 में 222.40 मीटर ही पानी की आवक हुई थी। गत वर्ष में बारिश का आधा सीजन निकलने के बाद पार्वती बांध में 2.30 मीटर पानी की आवक हुई है। फिलहाल पार्वती बांध में 216.70 मीटर पानी है। जबकि पार्वती बांध की कुल भराव क्षमता 223.41 मीटर है।

पार्वती बांध पर टूटी रेलिंग व बंदरों से खतरा-

बारिश के मौसम में पार्वती बांध पिकनिक स्पॉट बन जाता है। जिले के लोगों सहित पड़ोसी जिले से भी लोग देखने आते है। लेकिन पार्वती बांध पर लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध नही है। पक्की पाल की रेलिंग जगह जगह से टूटी हुई है तो बंदरों का भयंकर आतंक है। बंदरों ने गेट खोलने के लिए बिछी वायर तक को काट दिया है।

Story Loader