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इंस्पायर अवार्ड योजना: धौलपुर ने देशभर में 47वां स्थान प्राप्त कर बनाई टॉप 50 में जगह

- जिले में हुआ 3552 का नॉमिनेशन धौलपुर. इंस्पायर अवार्ड के लिए जिले के स्कूलों से बड़ी संख्या में नोमिनेशन हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि सभी विद्यालय से कम से कम पांच पांच बच्चों

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Inspire Award Scheme: Dholpur ranks 47th in the country and made it to the top 50

इंस्पायर अवार्ड योजना: धौलपुर ने देशभर में 47वां स्थान प्राप्त कर बनाई टॉप 50 में जगह

इंस्पायर अवार्ड योजना: धौलपुर ने देशभर में 47वां स्थान प्राप्त कर बनाई टॉप 50 में जगह

- जिले में हुआ 3552 का नॉमिनेशन

धौलपुर. इंस्पायर अवार्ड के लिए जिले के स्कूलों से बड़ी संख्या में नोमिनेशन हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि सभी विद्यालय से कम से कम पांच पांच बच्चों का पंजीयन कराने का निर्देश दिया था। जिला के महज 746 विद्यालयों के 3552 विद्यार्थियों ने अंतिम दिनांक तक नॉमिनेशन कराया है।

इस नॉमिनेशन से जिले ने देशभर में 47वां स्थान प्राप्त कर 50 जिलों में स्थान बनाया है। उन्होंने बताया कि धौलपुर ब्लॉक के सभी राजकीय विद्यालयों ने शत-प्रतिशत एवं निजी स्कूलों का 60 प्रतिशत से अधिक नॉमिनेशन हुआ है।दरअसल, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से फ्लैगशिप प्रोग्राम के तहत स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक प्रतिभा आदि निखारने को लेकर इंस्पायर अवार्ड मानक योजना शुरू की गई है। इसमें यू-डायस प्राप्त सभी विद्यालयों से कक्षा 6-10 में अध्ययनरत 10-15 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राएं हिस्सा लेते हैं।

धौलपुर में जिला मेंटर्स तकनीकी एक्सपर्ट के रूप में दयेरी के शिक्षक जयसिंह सिकरवार, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय धौलपुर के व्याख्याता भगवान सिंह मीना, ब्लॉक मेंटर्स रनवीर कंसाना, अजय रावत, नवीन कुमार, जय सिंह जाट सहित अन्य ने नॉमिनेशन कराने में उल्लेखनीय कार्य किया। इतनी मिलती है राशिस्कूल स्टाफ विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर आवेदन कराते हैं।

योजना के तहत विद्यार्थियों को शुरुआत में दस हजार रुपए दिए जाते हैं। इसके बाद मॉडल चयन होने पर 25 हजार रुपए तक की राशि प्रदान की जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर राशि और अधिक बढ़ जाती है।निजी विद्यालयों की अरुचिहर वर्ष इंस्पायर अवार्ड योजना में सरकारी की तुलना में निजी विद्यालयों के विद्यार्थी अरुचि दिखाते हैं। आवेदन में भी उनकी संख्या कम रहती है।

इस बार भी निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आवेदन में कोई खासी रुचि नहीं दिखाई है। धौलपुर ब्लॉक को छोड़ कर अन्य सभी ब्लॉक में निजी विद्यालयों का प्रतिशत 50 से भी कम रहा है।

इनका कहना है

गत वर्ष के बजाय निजी स्कूलों ने कम रुचि दिखाई है। इसके बावजूद जिला देशभर में टॉप 50 में जगह बनाने में कामयाब रहा है।

- अरविंद कुमार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, धौलपुर

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