- राजस्थान में शिक्षा के बढ़ते कदम के तहत 17 से होगी मूल्यांकन परीक्षा - बीकानेर से सभी जिलों में भेजे प्रश्नपत्र #education news: धौलपुर. कोरोना काल में विद्यार्थियों का अध्ययन प्रभावित हुआ। कई विद्यार्थी विभिन्न विषयों में पिछड़ गए। उनके स्तर को वर्तमान कक्षा तक लाने
अद्र्धवार्षिक परीक्षा के बाद जांचेंगे स्तर, विद्यार्थी लिखेंगे सवालों के जवाब
- राजस्थान में शिक्षा के बढ़ते कदम के तहत 17 से होगी मूल्यांकन परीक्षा
- बीकानेर से सभी जिलों में भेजे प्रश्नपत्र
#education news: धौलपुर. कोरोना काल में विद्यार्थियों का अध्ययन प्रभावित हुआ। कई विद्यार्थी विभिन्न विषयों में पिछड़ गए। उनके स्तर को वर्तमान कक्षा तक लाने और शिक्षण को बेहतर करने के लिए राजस्थान में शिक्षा के बढ़ते कदम (आरकेएसएमबीके) के तहत मूल्यांकन परीक्षाओं का आयोजन अद्र्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद 17 से 20 दिसम्बर तक किया जाएगा। इसके लिए प्रश्न पत्र 10 दिसम्बर तक कार्यालय पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं राजस्थान बीकानेर की ओर से भेजे जाएंगे।
प्रश्न पत्र संग्रहण व वितरण केन्द्र पर सुरक्षा के लिए कार्मिकों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी प्राचार्य डाइट की ओर से लगाई जाएगी। इसके बाद 12 दिसम्बर को डाइट प्राचार्य की मौजूदगी में प्रश्न पत्रों का वितरण सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को किया जाएगा। वे 13 दिसम्बर को पीइइओ व यूसीइइओ को प्रश्न पत्र के बॉक्स वितरित करेंगे, जो 14 दिसम्बर को विद्यालयों के प्रश्न पत्रों के लिफाफे बांटेंगे।
इन विषयों का करेंगे आंकलन
कक्षा तीन से आठ तक के लिए हिन्दी, अंग्रेजी व गणित विषयों का प्रश्न पत्रों के आधार पर आंकलन किया जाएगा। प्रत्येक विषय के प्रश्न पत्र में 15 सवाल होंगे। कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए प्रश्न व उत्तर पत्रक एक ही पेज पर होगा। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की ओएमआर शीट उत्तर के लिए अलग से होगी।
उडऩ दस्ते करेंगे निरीक्षण
परीक्षा के लिए उडऩ दस्तों का गठन किया जाएगा। जिला स्तर पर सीडीइओ, प्राचार्य डाइट, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक व प्रारिम्भक के संयोजन में चार व ब्लॉक स्तर पर सीबीइओ के संयोजन में एक उडऩ दस्ते का गठन किया जाएगा।
आंकलन पत्रों को करेंगे स्कैन
परीक्षा की समाप्ति के बाद शिक्षक आरकेएसएमबीके एप की सहायता से परीक्षार्थियों की ओर से चिह्नित आंकलन पत्र और ओसीआर शीट स्कैन कर अपलोड करेंगे।
इनका कहना है
इस परीक्षा से बच्चों का स्तर जांचने के बाद उसके अनुसार तैयारी कराई जाएगी। जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर सुधारा जा सके।
- मुकेश कुमार गर्ग, सीडीईओ, धौलपुर