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नगर परिषद पर बिजली के 11 करोड़ बकाया फिर भी दिन भर जलतीं हैं रोड लाइटें

परिषद के जिम्मेदारों के पास कोई ठोस कार्य प्रणाली ना होने के कारण विभाग की आय में इजाफा तो दूर उल्टे करोड़ों रुपए का लदान करने पर उतारू हैं। जनरेटर से पानी फेंकने के नाम पर लाखों रुपए बर्बाद कर दिए तो दिन में रोशन होती स्ट्रीट लाइटें परिषद पर बिजली के बिल में इजाफा कर रही हैं। अभी परिषद पर 10.45 करोड़ का बिल बकाया है। जिसे भरने में भी परिषद कोई रुचि नहीं दिखा रही। बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने बिजली विभाग से 38 कनेक्शन ले रखे हैं।

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नगर परिषद पर बिजली के 11 करोड़ बकाया फिर भी दिन भर जलतीं हैं रोड लाइटें Municipal Council owes Rs 11 crore for electricity, yet road lights remain on throughout the day.

धौलपुर.नगर परिषद जिम्मेदार अधिकारियों की अकर्मण्यता का शिकार हो चुकी है। ऐसा लगता है कि यह विभाग काम का नहीं सिर्फ नाम का रह गया है। परिषद के जिम्मेदारों के पास कोई ठोस कार्य प्रणाली ना होने के कारण विभाग की आय में इजाफा तो दूर उल्टे करोड़ों रुपए का लदान करने पर उतारू हैं। जनरेटर से पानी फेंकने के नाम पर लाखों रुपए बर्बाद कर दिए तो दिन में रोशन होती स्ट्रीट लाइटें परिषद पर बिजली के बिल में इजाफा कर रही हैं। अभी परिषद पर 10.45 करोड़ का बिल बकाया है। जिसे भरने में भी परिषद कोई रुचि नहीं दिखा रही। बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने बिजली विभाग से 38 कनेक्शन ले रखे हैं। जिसमें सीवरेज, शुलभ शौचालय, स्ट्रील लाइटें, ऑफिस, फायर ऑफिस सहित अन्य कनेक्शन शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा स्ट्रीट लाइटों के 18 कनेक्शन हैं। जिनका कुल 8 करोड़ रुपए का बिजली बिल बैठता है।

बिल को लेकर दोनों विभाग आए आमने-सामने

अभी हाल में बिल राशि को लेकर बिजली विभाग और नगर परिषद दोनों आमने-सामने आ गए। हुआ यूं कि नगर परिषद के 10.45 करोड़ के बिजली बिल ना भरने पर डिस्कोम ने परिषद के ऑफिस की लाइट काट दी। जिसके बाद नगर परिषद ने भी डिस्कोम पर कार्रवाई करते हुए उसके दो ऑफिसों को सील कर दिया। मामला बढ़ता देख अधिकारियों ने वार्तालाप कर परिषद ने 2 लाख रुपए की राशि बिजली विभाग में जमा करा दी। जिसके बाद से फिर परिषद की गाड़ी यूं ही चल रही है।

जल्द ठीक कराने की बात कह जिम्मेदार झाड़ लेते हैं पल्ला

नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों के कार्य के प्रति बेरुखी के कारण ही शहर भर जगह-जगह स्ट्रीट लाइटें 24 घंटे जलती रहती है। जिसका मुख्य कारण पोलों में स्ट्रीट लाइट के ऑन ऑफ सिस्टम का ना होना। और जिन पोलों में ऑन ऑफ सिस्टम हैं वहां वह खराब हो चुके हैं। नगर परिषद के जिम्मेदारों से जब जलती स्ट्रीट लाइटों के संबंध में पूछा जाता है तो वह जल्द ही उन्हें ठीक कराने की बात कह देते हैं। लेकिन अभी भी यह स्ट्रीट लाइटें दिन में भी रोशन हैं। जिससे हजारों वाट बिजली की बर्बादी तो हो ही रही है साथ ही स्ट्रीट लाइटों के लगातार चलने से उनके खराब होने की भी संभावना बढ़ जाती है। तो वहीं रोड लाइटों के कनेक्शन के बिलों की राशि बढ़ती जा रही है और नगर परिषद में भी इन बकाया राशि को चुकाने के लिए कोई चिंता नहीं है।

कब तक चलेगा उधार की बिजली से काम

शहर की सडक़ों को रोशन करने के लिए लगी रोड लाइट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सहित नगर परिषद कार्यालय भी उधार की बिजली से काम चला रहा है। धौलपुर नगर परिषद पर बिजली बिल के 10.45 करोड़ रुपए की राशि बकाया है। खासबात यह है कि विद्युत निगम समय-समय पर बकाया चुकाने के लिए नोटिस भेजता है लेकिन उन नोटिसों पर नगर परिषद की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होती। दिन में भी स्ट्रीट लाइट जलने का मामला सिर्फ धौलपुर ब्लॉक में ही नहीं अपितु जिले के अन्य ब्लॉकों में भी यही हालात हैं। जहां यह स्ट्रीट लाइटें दिन भर जलती रहती हैं।