
वायरल बुखार और मांसपेशियों में दर्द से लोग बेहाल, अस्पताल में दिखी मरीजों की कतार
धौलपुर. इन दिनों लोग बीमारी की दोहरी मार से जूझ रहे है। जिला अस्पताल में वायरल बुखार, डायरिया, मांसपेशियों में दर्द और आई फ्लू का भी चपेट में ले रखा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसे 50 से 60 फीसदी मरीज इन्हीं बीमारियों के पहुंच रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में 2100 मरीजों ने उपचार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। सभी ने चिकित्सकों को दिखाकर उपचार लिया।
जिला अस्पताल में बुधवार को ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ हो गई। पंजीकरण काउंटर पर महिला और पुरुष मरीजों की पंजीकरण कराने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग गई। यहां दोपहर डेढ़ बजे तक दो हजार मरीजों के पंजीकरण किए गए। अधिकतर मरीज वायरल बुखार, मांसपेशियों में दर्द और आई फ्लू से पीडि़त पाए गए। फिजिशियन डॉ. दीपक जिंदल ने बताया कि 300 मरीज मांसपेशियों के दर्द व बुखार से पीडि़त थे। इन्हें उपचार दिया गया हैं।
इसके साथ ही इनमें से सौ मरीजों को रक्त की जांच कराने के कहा गया। नेत्र रोग विभाग में 350 से अधिक मरीज पहुंचे। जहां नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण शर्मा और डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि इस समय अधिकतर मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं। इन्हें उपचार के साथ-साथ सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है। शिशु रोग विशेपज्ञ डॉ. हरिओम गर्ग ने बताया कि इन दिनों बच्चे भी डायरिया, बुखार से पीडि़त आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में उचित खानपान न होने के कारण बुखार के साथ-साथ डायरिया भी बढऩे लगा है। अभिभावक बच्चों की सेहत के प्रति सजग रहें।
खांसी-शरीर में दर्द और थकान के मरीज अधिक पहुंच रहे
चिकित्सक डॉ. जिंदल ने बताया कि ओपीडी में ऐसे मरीज भी आ रहे हैं। जिनको बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, थकान और आंखों में दर्द और सूजन हो रही हैं। वर्षा के साथ पड़ रही उमस भरी गर्मी के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नेत्र रोग चिकित्सक डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में उन्होंने सैकड़ों मरीजों को उपचार दिया। कई मरीजों की आंख और पलकों पर सूजन मिली। इनमें 60-70 बच्चे ऐसे रहे, जिनकी आंखों में जलन-खुजली हो रही थी। इनको उपचार दिया गया हैं।
शिशु विभाग वार्ड के बेड फुल
जिला अस्पताल के जनाना वार्ड में शिशु विभाग में इन दिनों बेड फुल चल रहे हैं। शिशु वार्ड के तीन कक्ष में 80 बेड की क्षमता है। इनमें 110 बच्चे उपचार करा रहे हैं। सभी बच्चे एक साल से लेकर तीन साल तक की उम्र के हैं। सभी बच्चे पेट दर्द, वायरल बुखार, खांसी आदि से ग्रसित थे।इन बातों का रखें ख्याल
ठंडा पानी और आइसक्रीम से बचें। पानी उबालकर ठंडा होने पर पीएं। हाथों की सफाई रखें। आंखों को रगड़े नहीं। हाथों को साफ करके ही छुएं। थकान, मांसपेशियों में दर्द और आंखों में दर्द हो तो चिकित्सक को दिखाएं। खराश होने पर गुनगुने पानी और नमक डालकर गरारे करें।
Published on:
03 Aug 2023 05:38 pm
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