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ठगों के ‘पर’ करतने में जुटी पुलिस, 1.20 लाख से अधिक सिमकार्ड कराए बंद

पुलिस ने अब ऑनलाइन ठगी करने वाले ठगों के ‘पर’ करतना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में संभाग में कुख्यात भरतपुर और वर्तमान में नवीन डीग जिले के मेवात ने किसी समय खासे बदनाम रहे झारखण्ड जामताड़ा को भी ठगी की वारदातों में पीछे छोड़ दिया है।

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ठगों के ‘पर’ करतने में जुटी पुलिस, 1.20 लाख से अधिक सिमकार्ड कराए बंद

ठगों के ‘पर’ करतने में जुटी पुलिस, 1.20 लाख से अधिक सिमकार्ड कराए बंद

रोहित शर्मा

धौलपुर. पुलिस ने अब ऑनलाइन ठगी करने वाले ठगों के ‘पर’ करतना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में संभाग में कुख्यात भरतपुर और वर्तमान में नवीन डीग जिले के मेवात ने किसी समय खासे बदनाम रहे झारखण्ड जामताड़ा को भी ठगी की वारदातों में पीछे छोड़ दिया है। देश में ऑनलाइन ठगी के मामले में बीते कुछ सालों में मेवात के ठगों ने खासी सुर्खियों में रहा है। अब इन पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है। संभाग में में बीते कुछ दिनों में रिकॉर्ड तोड़ सिमकार्ड बंद कराए गए हैं। ये आंकड़ा करीब १ लाख २० हजार से अधिक जा चुका है। इसमें अकेले भरतपुर (डीग जिले से पूर्व) पुलिस करीब करीब १.१७ लाख सिमकार्ड बंद करा चुकी है। यानी इन सिमकार्डों की आवाज पूरी तरह बंद हो गई है। हालांकि, गिरोह लगातार नए सिमकार्ड लाकर वारदातें करने में जुटा है। वहीं, धौलपुर में जिले में फिलहाल सिमकार्ड ब्लॉक कराने के मामले में शुरुआत दौर में है। यहां अभी संदिग्ध नम्बरों को चिह्नित किया जा रहा और बीटीएस के जरिए डाटा एकत्र हो रहा है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अब भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) भी आगे आया है। बीएसएनएल अब अपने सभी रिटेलर्स का सत्यापन करा रही है जिससे सिमकार्ड गलत व्यक्ति के हाथ में नहीं जाए।


आईएमईआई नम्बर से फोन भी कराए बंद

उधर, पुलिस ने सिमकार्ड के साथ आईएमईआई (इंटरनेशनल मोबाइल एक्विपमेंट आईडेंटी) नम्बर ब्लॉक कर जिन सेटों से ठगी के वारदाते सामने आई, उन्हें भी बंद कराया है। इनकी संख्या करीब १७ से २० हजार बताई जा रही है। इसमें स्मार्ट फोन के साथ कीपैड मोबाइल सेट शामिल हैं। यानी पुलिस ने अब फर्जी सिमकार्डों के साथ मोबाइल सेटों को बंद कराया है। इसी तरह धौलपुर में भी कुछ सिमकार्ड चिह्नित किए हैं। हालांकि, इनकी संख्या करीब ५०० से ६०० के बीच है। धौलपुर में ठगी के साथ सोशल मीडिया पेज हैक कर राशि मंगाने के मामले भी कुछ समय से बढ़े हैं। धौलपुर में साइबर सेल में बैंक खाते सीज अभी तक लाखों रुपए उनके हकदारों को वापस करवाने में सफलता हासिल की है। हालांकि, अब धौलपुर में साइबर थाना स्थापित हो चुका है। लेकिन फिलहाल थाने की मुकाबले संसाधन सीमिति हैं।


फर्जी सिमकार्डों पर पुलिस ने कसी नकेल

भरतपुर संभाग में फर्जी सिमकार्डों का बड़े स्तर पर उपयोग हो रहा है। इसमें सबसे अधिक फर्जी सिमकार्ड भरतपुर और हाल में बने नवगठित जिले डीग में एक्टिव हैं। ये सिमकार्ड नॉर्थ-ईस्ट, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा समेत अन्य प्रदेशों से खरीदे गए हैं। इनका उपयोग इलाके में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में किया जा रहा है। डीग एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि क्षेत्र में जो संदिग्ध बाहरी सिमकार्ड एक्टिव हैं, उन पर साइबर सेल नजर रखती है। शिकायतें मिलने और जांच-पड़ताल के बाद इन सिमकार्डों को ब्लॉक किया जा रहा है। गौरतलब रहे कि मेवात इलाके में बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी के लिए कई गिरोह और छोटे-छोटे ग्रुपों में लोग लगे हुए हैं। ठगी की घटनाओं में ये फर्जी सिमकार्डों का इस्तेमाल करते हैं।


इधर, बीएसएनएल भी हुआ सख्त, रिटेलर्स का होगा सत्यापन

ध्साइबर अपराधों को देखते हुए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) जिले में अपने सभी रिटेलर्स का पुलिस सत्यापन कराएगी। इसके लिए उपमंडल अधिकारियों की ओर से क्षेत्रवार डाटा तैयार कराया जा रहा है। जिसके बाद जिला कार्यालय में इस संबंध में सभी रिटेलर्स को संदेश भेजे गए हैं। उपमंडल अधिकारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि बढ़ते साइबर अपराध के लिए ठग सिमकार्ड का ही प्रयोग करते हैं। इसके लिए कई बार धोखा देकर फर्जी आइडी से सिमकार्ड निकलवाए जाते हैं। कई बार रिटेलर्स की साठ-गांठ से बिना किसी सत्यापन के सिमकार्ड बेच दिए जाते हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए अब बीएसएनएल ने अपने सभी रिटेलर्स को पत्र भेजकर अपना सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में बीएसएनएल के १४० से ज्यादा रिटेलर्स हैं जो स्थायी अथवा कैनोपी आदि लगाकर सिमकार्ड बेचने का काम कर रहे हैं।

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साइबर अपराध में टॉप जिले

जिला प्रतिशत
भरतपुर 18.0
मथुरा 12.0
नूह 11.0
देवघर 10.0
जामताडा 9.6
गुरुग्राम 8.1
अलवर 5.1
बोकारो 2.4
कर्मतण्ड 2.4
गिरिडीह 2.3

(आंकड़े प्रतिशत में)
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- ऑनलाइन ठगी के मामलों में पीडि़ता की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। कई केसों में बड़ी राशि ठगी के शिकार लोगों को वापस करवाई है। संदिग्ध मोबाइल नम्बर इलाके में एक्टिव होने पर सिमकार्ड बंद भी कराया जाता है।
- सत्यप्रकाश मीणा, सीओ साइबर सेल, धौलपुर


- बीएसएनएल ने बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने और सिमकार्ड का गलत उपयोग रोकने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। अब रिटेलर्स या सिमकार्ड बेचने वाले का पुलिस के जरिए सत्यापन कराया जाएगा। आपराधिक रिकॉर्ड सामने आने पर वह सिमकार्ड नहीं बेच सकेगा।
- विजय कुमार बंसल, सहायक महाप्रबंधक (प्रचालन), बीएसएनएल भरतपुर


- ये सिमकार्ड पश्चिम बंगाल, उड़ीसा व बिहार व नार्थ ईस्ट से खरीद कर लाई गई थी। इनका उपयोग इलाके में ठगी के लिए हो रहा था। ये सिमकार्ड फर्जी कागजातों से उठाए थे। डीग नया जिला बनने पर अब यहां नवीन साइबर सेल का गठन किया जाएगा। अभी तक भरतपुर जिले में था, उस दौरान करीब १.१७ लाख फर्जी सिमकार्ड बंद कराए गए। जो इलाके में एक्टिव थे।
- बृजेश ज्योति उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक डीग