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कार्यशाला में नहीं पहुंचे पुलिस अधिकारी, एएसपी ने दिए नोटिस देने के निर्देश

बाल अधिकार सप्ताह अंतर्गत पांचवें दिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में पुलिस थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, एनजीओ एवं अन्य हित धारकों के साथ बाल लैंगिक हिंसा विषय पर कार्यशाला का आयोजन हुआ।

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कार्यशाला में नहीं पहुंचे पुलिस अधिकारी, एएसपी ने दिए नोटिस देने के निर्देश

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धौलपुर. बाल अधिकार सप्ताह अंतर्गत पांचवें दिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में पुलिस थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, एनजीओ एवं अन्य हित धारकों के साथ बाल लैंगिक हिंसा विषय पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्राधिकरण सचिव सुनीता मीणा ने पुलिस अधिकारियों को पोक्सो पीडि़तों के प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अध्यक्षता कर रहे सीईओ जिला परिषद चेतन चौहान ने बताया कि इस प्रकार के ज्यादातर मामले मूलत: गरीबी और आर्थिक तंगी के कारण प्रेरित होते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को राजीविका आदि कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाना लाभप्रद रहेगा। विशिष्ठ अतिथि एएसपी बच्चन सिंह मीणा ने पुलिस कर्मियों को पोक्सो प्रकरणों में पीडि़त को सहायता देने से संबंधित प्रावधानों पर तीव्र गति से अमल करने के निर्देश दिए तथा साथ ही अनुपस्थित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए। सहायक निदेशक विश्व देव पांडेय ने सप्ताह की गतिविधियों एवं बाल अधिकारिता विभाग की बाल मित्र, मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना एवं नालसा 2018 स्कीम की जानकारी दी। लीगल एडवाइजर अधिवक्ता मीनल भार्गव ने पोक्सो संबंधी


पोक्सो एक्ट से संबंधित जागरुकता पोस्टर का विमोचन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शरद महोत्सव मेले में शुक्रवार को आमजन को विधिक जानकारी उपलब्ध कराये जाने के लिए लगाई विधिक प्रर्दशनी स्टॉल पर विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय जमीर हुसैन सैय्यद के मुख्य आतिथ्य एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में पोक्सो एक्ट 2012 के संबंध में विधिक जागरुकता के लिए पोस्टर का विमोचन किया गया। विशिष्ट न्यायाधीश हुसैन ने बताया गया कि पोक्सो एक्ट 2012 बच्चों के हित और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए बच्चों को यौन अपराधए यौन उत्पीडऩ तथा पोर्नोग्राफी से संरक्षण प्रदान करने के लिए लागू किया गया था। लैंगिक अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा तथा ऐसे मामलों की शिकायत के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 जारी किया गया है। जिस पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यौन उत्पीडऩ के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विशेष अदालत मामले में किसी भी समय पीडि़त की अपील या अपने विवेक से पीडि़त को राहत या पुनर्वास के लिये अंतरिम मुआवजे का आदेश दे सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुनीता मीणा ने बताया कि प्रतिकर के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की ओर से मेले में विभागीय स्टॉल लगाकर आमजन को विधिक सेवा संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है। मेले में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के मेलार्थी आते हैं। इन मेलार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ नि:शुल्क विधिक सहायता प्राधिकरण की ओर प्रदान की जाती है।