21 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

Dholpur: प्रसूता की संदिग्धावस्था में मौत, परिजनों ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, हॉस्पिटल स्टाफ पर भगाने का लगाया आरोप

धौलपुर में नवजात बच्ची को जन्म देने के कुछ घंटे बाद प्रसूता सपना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। नाराज परिजनों ने शव लेकर जिला कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और हॉस्पिटल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए।
2 min read
Google source verification
Dholpur woman Dies After Giving Birth

कलक्ट्रेट पहुंचे परिजनों का फोटो: पत्रिका

Mother Dies After Giving Birth: धौलपुर जिले के बाड़ी कस्बे के गडरपुरा क्षेत्र निवासी प्रसूता सपना (26) पत्नी अक्षत सपेरा की नवजात के जन्म के कुछ घंटे बाद ही मौत हो गई। प्रसूता ने नवजात लड़की को जन्म दिया था जो कमजोर होने के कारण चिकित्सकों के ऑब्जर्वेशन में रखी गई है। उधर परिजनों ने बाद में जिला कलक्ट्रेट में DM कार्यालय के गेट के सामने शव रखकर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप था कि तबीयत बिगड़ने पर ब्लड चढ़ाया गया लेकिन इसके बाद भी उसकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने मौत के बाद परिजनों के साथ सही व्यवहार नहीं किया और शव को ले जाने की धमकी दी। कहा कि शव ले जाओ, नहीं तो पुलिस बुलानी पड़ेगी।

इसके बाद परिजन मृतका के शव को पहले बाड़ी ले गए लेकिन फिर लौटकर जिला कलक्ट्रेट पहुंचे और शव रखकर प्रदर्शन किया। घटना की सूचना पर कलक्ट्रेट स्टाफ और पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव को एंबुलेंस में रखवाकर मोर्चरी भिजवाया गया।

एक दिन पहले ही दिया था बच्चे को जन्म

बताया जा रहा है कि प्रसूता सपना को परिजन सोमवार को बाड़ी से डिलीवरी कराने जनाना अस्पताल धौलपुर लेकर पहुंचे थे। यहां उसने एक नवजात बच्ची को जन्म दिया। बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसे बच्चा वार्ड में मशीन पर चिकित्सकों के ऑब्जर्वेशन में रखा गया। इस बीच मां की देर शाम तबीयत बिगड़ने पर उसे ब्लड चढ़ाया गया। डिलीवरी सामान्य हुई थी लेकिन देर रात उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई और सुबह उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव को बाड़ी ले गए और फिर वापस लाकर कलक्ट्रेट में जमीन पर शव रख गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।

मृतका के पहले से दो बच्चे

मृतका सपना के पहले से दो बच्चे हैं। यह तीसरा बच्चा था जिसका जन्म सोमवार को हुआ था। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल स्टाफ ने शव तुरंत ले जाने को कहा। साथ ही उनके साथ गलत व्यवहार भी किया।

एंबुलेंस चालक की चैट पर संदेह

उधर घटना में एक और विवाद सामने आया है। इस प्रकरण में एंबुलेंस चालक पर किसी निजी अस्पताल के व्यक्ति से बातचीत करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह बातचीत चैट के जरिए हुई थी जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। हालांकि इस मामले में एक निजी अस्पताल की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहा है। घटना के बाद पीएमओ डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार और सीएमएचओ डॉ. धर्म सिंह मीणा को एडीएम ने कार्यालय बुलाया।