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Rajasthan VIDEO : बाइक समेत सवार को ‘निगल’ रही धरती, ‘देवदूत’ बचा रहे जान, आखिर ये हो क्या रहा है?

धौलपुर में मानसून रिटर्न बारिश के दौरान प्रशासनिक लापरवाही से बाइक सवार खुले नाले में गिरा। स्थानीय लोगों ने बचाई जान, जलभराव ने खोली सीवरेज सिस्टम की पोल।
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Dholpur Monsoon Return Rain Biker Falls into Open Drain

Biker Falls into Open Drain - PIC Patrika

राजस्थान के धौलपुर जिले में मानसून रिटर्न की तेज बारिश ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद के जल निकासी के दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। धौलपुर शहर में झमाझम बारिश के बाद सड़कों पर हुए भारी जलभराव के बीच एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां सड़क किनारे उफान मार रहे खुले नाले में एक बाइक सवार युवक अचानक अपनी चलती बाइक समेत समा गया। पानी के तेज बहाव और जलभराव के कारण सड़क तथा नाले के बीच का अंतर पूरी तरह खत्म हो चुका था, जिसके चलते बाइक सवार को खुले नाले का जरा भी अंदाजा नहीं लग सका। हादसा देखकर आसपास मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए, क्योंकि देखने में ऐसा लगा मानो सड़क धंस गई हो और धरती बाइक सवार को बाइक समेत निगल गई हो।

गनीमत यह रही कि पास में मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत मौके पर छलांग लगाई और समय रहते युवक को बाइक समेत बाहर खींच लिया, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई।

ये देखें VIDEO

मौत का जाल बने शहर के खुले नाले

धौलपुर शहर में हुई इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही के उस भयावह चेहरे को उजागर कर दिया है, जिससे हर मानसून में आम जनता को दो-चार होना पड़ता है।

शहर के व्यस्त इलाकों में मौजूद गहरे और बड़े नालों के आसपास न तो नगर परिषद ने कोई सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए हैं और न ही वहां कोई लाल झंडी या चेतावनी बोर्ड लगाया गया है।

मानसून रिटर्न की तेज बारिश के कारण कुछ ही घंटों में सड़कों पर 1 से 2 फीट तक पानी भर गया। पानी का स्तर बढ़ने से सड़क और खुला नाला एक बराबर दिखने लगे, जिसके कारण बाइक सवार युवक सीधे नाले के मुहाने पर पहुंच गया और संतुलन बिगड़ने से अंदर गिर गया।

'ऐसा लगा जैसे धरती निगल गई'

हादसे के वक्त मौके पर मौजूद स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने जो मंजर देखा, वह बेहद डरावना था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपनी बाइक से बहुत ही धीमी गति में जलभराव वाले रास्ते से निकल रहा था। तभी अचानक उसकी बाइक का अगला पहिया खुले नाले में चला गया और देखते ही देखते बाइक समेत पूरा युवक पानी के तेज बहाव वाले गहरे नाले के भीतर समा गया।

हादसा होते ही आसपास के दुकानदारों और स्थानीय युवाओं ने तुरंत दौड़ लगाई। बिना एक सेकेंड गंवाए लोगों ने नाले के अंदर हाथ डालकर और कपड़ा फैलाकर युवक को बाहर निकाला।

अगर मौके पर कोई मौजूद नहीं होता या लोगों को पहुंचने में 2 मिनट की भी देरी हो जाती, तो पानी का तेज बहाव युवक को नाले के भीतर तक बहा ले जाता और बड़ा हादसा हो सकता था।

सीवरेज सिस्टम फेल, शहरवासियों की मुसीबत

धौलपुर शहर में मानसून रिटर्न बारिश के बाद बने हालात ने यह साबित कर दिया है कि नगर निकाय द्वारा बारिश से पहले नाला सफाई और जल निकासी के नाम पर किए गए सभी कागजी दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं।

शहर के मुख्य बाजारों, बस स्टैंड के पास और रिहायशी कॉलोनियों में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है। सड़कों पर पानी भरने से न केवल पैदल चलने वालों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है, बल्कि दुकानों के भीतर पानी घुसने से व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

समय रहते इंतजाम नहीं हुए तो अगले हादसे की जिम्मेदारी किसकी?

धौलपुर के स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि खुले तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद अधिकारियों से मांग की है कि शहर के सभी छोटे-बड़े नालों को तुरंत ढका जाए या उनके किनारे मजबूत बैरिकेडिंग की जाए।

अगर समय रहते इन खुले नालों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में होने वाली बारिश के दौरान कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है। फिलहाल घायल बाइक सवार को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है और स्थानीय लोग अब प्रशासन की नींद टूटने का इंतजार कर रहे हैं।