धौलपुर. जिले के शहरी इलाकों की महिलाओं को खेलने की फुर्सत कम है। उनका ध्यान नौकरी करने व घरों की सार-संभाल में अधिक है। जबकि, गांवों में खेती व पशुपालन का कार्य होने के बावजूद महिलाएं खेलों में भी भाग लेंगी। महिलाओं को खेलने की फुर्सत कम है। उनका ध्यान नौकरी करने व घरों की सार-संभाल में अधिक है। जबकि, गांवों में खेती व पशुपालन का कार्य होने के बावजूद महिलाएं खेलों में भी भाग लेंगी।
धौलपुर. जिले के शहरी इलाकों की महिलाओं को खेलने की फुर्सत कम है। उनका ध्यान नौकरी करने व घरों की सार-संभाल में अधिक है। जबकि, गांवों में खेती व पशुपालन का कार्य होने के बावजूद महिलाएं खेलों में भी भाग लेंगी। राज्य में 23 जून से प्रस्तावित राजीव गांधी शहरी व ग्रामीण ओलम्पिक खेलों को लेकर गांवों की महिलाओं में ज्यादा उत्साह है। उन्होंने पंजीयन भी शहरों की तुलना में ज्यादा कराया है।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र की जहां 51 हजार से अधिक महिलाओं ने पंजीयन कराया है वहीं, शहरी क्षेत्र की करीब दस हजार महिलाओं ने ही पंजीयन कराया है। राज्यभर में कुल 22 लाख से ज्यादा महिलाओं ने इन खेलों में पंजीयन कराया है। इनमें शहरी क्षेत्र की महिलाओं की संख्या करीब साढ़े चार लाख ही है। 23 जून से शुरू होने वाले यह खेल करीब एक माह चलेंगे। पहले गांव व वार्ड स्तर पर मैच होंगे। इसके बाद तहसील स्तर व फिर जिला स्तर पर होंगे। राज्य स्तर पर जो टीम जीतेगी उनको पुरस्कृत किया जाएगा। खिलाड़ी पदक जीतने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
इनका कहना है
लोगों में ग्रामीण व शहरी ओलम्पिक खेलों को लेकर जबरदस्त उत्साह है। खेलों से जुड़े सभी विभाग अच्छा सहयोग कर रहे हैं। महिलाएं भी पूरे जोश-ओ-खरोश से खेलों की तैयारी में जुटी हैं।
- अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर, धौलपुर
टेबल....
ग्रामीण और शहरी ओलम्पिक में महिलाओं की स्थिति
जिला शहरी ग्रामीण
भरतपुर 18894 75295
सवाईमाधोपुर 23289 67237
करौली 10634 46920
धौलपुर 10600 51746
फैक्ट फाइल
51746 ग्रामीण महिलाएं जिले में पंजीकृत
10600 शहरी महिलाएं जिले में पंजीकृत
62346 कुल महिलाएं जिले में पंजीकृत