26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Dholpur: सडक़ यात्रा जानलेवा हो रही साबित, 237 ने गंवाई जान

जिले में सडक़ हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते साल में धौलपुर (Dholpur) जिले में सडक़ दुर्घटनाओं में 237 लोग जान से हाथ धो बैठे। इन हादसोंं में 379 लोग घायल हो गए।

2 min read
Google source verification
Dholpur: सडक़ यात्रा जानलेवा हो रही साबित, 237 ने गंवाई जान

Dholpur: सडक़ यात्रा जानलेवा हो रही साबित, 237 ने गंवाई जान

धौलपुर. जिले में सडक़ हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते साल में धौलपुर जिले में सडक़ दुर्घटनाओं में 237 लोग जान से हाथ धो बैठे। इन हादसोंं में 379 लोग घायल हो गए। जिसमें कई गंभीर रूप से भी शामिल हैं। जो शायद सडक़ हादसे को कभी नहीं भूल पाएं। विशेष बात ये है जिले में अधिकतर सडक़ दुर्घटनाएं (road accidents) निकल रहे तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर सामने आई हैं। उधर, बढ़ते हादसों को लेकर पुलिस प्रशासन चितिंत है और हादसों को रोकने के लिए लगातार जिले में जागरूकता अभियान चलाने के साथ वाहन चालकों को सडक़ सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए सचेत कर रहा है। इसी सप्ताह जिला पुलिस अधीक्षक स्वयं सडक़ पर निकले और नियमों को उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की। इसमें ज्यादातर दुपहिया वाहन चालक शामिल थे जो बिना हेलमेट लगाए रफ्तार से बात कर रहे थे।


लगातार बढ़ रहा मौत का आंकड़ा

दुर्घटनाओं में जान गवाने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। जिले में साल 2020 में हादसों में 149 व्यक्तियों की मौत हुई। वहीं, साल 2021 में यह आंकड़ा बढकऱ 160 पर पहुंच गया और समाप्त हुए साल 2022 में संख्या 237 पर पहुंच गई। जो चिंता का विषय बना हुआ है। मरने वालों में ज्यादातर दुपहिया वाहन चालक शामिल हैं। जिसमें इन केसों में दुपहिया वाहन चालक हेलमेट नहीं लगाए हुए थे।


हल्के में ले रहे सुरक्षा मापदण्डों को

हादसों में मौत का आंकड़ा बढऩे की प्रमुख वजह चालक और सवारी के सुरक्षा मापदण्डों का पालन नहीं करना है। बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन बिना हेलमेट के वाहन चलाते हैं। तेज रफ्तार वाहन से भिड़ंत के बाद दुपहिया वाहन चालक के अधिकतर सिर में गंभीर चोट पहुंचती है जो मौत की वजह बनती है। वहीं, चौपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट लगाना मुसीबत मानते हैं। साथ ही ओवर स्पीड और ओवरटेक भी हादसों की बड़ी वजह सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस और परिवहन विभाग लगातार हर साल सडक़ हादसों को रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाती है लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है।


हाइवे पर हो रहा रफ्तार से मुकाबला

पूर्वी राजस्थान का धौलपुर जिला क्षेत्रफल के लिहाज से छोटा है लेकिन यहां परिवहन व रेल यातायात की सुविधा बेहतर है। जिले से तीन प्रमुख हाइवे निकल रहे हैं। इसमें सबसे लम्बा हाइवे मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है। जो दिल्ली से मुंबई से जोड़ता है। इसके अलावा दो अन्य हाइवे नए हैं। जिसमें धौलपुर-लालसोट राष्ट्रीय राजमार्ग 11बी और धौलपुर-ऊंचा नगला राष्ट्रीय राजमार्ग 123 शामिल हैं। हालांकि, इन दोनों हाइवे पर यातायात मुंबई मार्ग की अपेक्षाकृत बेहद कम है। लेकिन दोनों हाइवे ग्रामीण और लालसोट हाइवे डांग क्षेत्र से निकलने के कारण यहां आएदिन हादसे सामने आ रहे हैं। जिनमें कई लोग अभी तक अपनी जान गवा चुके हैं।

----------
जिले में बीते 3 साल में सडक़ हादसे

साल एफआईआर मृतक घायल
2020 296 149 245
2021 330 160 358
2022 401 237 379

(स्रोत: पुलिस विभाग)