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बर्फबारी पहाड़ों पर, शीतलहर धौलपुर में, धूप खिली पर सर्द हवा ने ठिठुराया

- न्यूनतम पारा पहुंचा 3 डिग्री पर   धौलपुर. पहाड़ों पर भारी बर्फबारी के बाद धौलपुर में ओस और शीतलहर की जुगलबंदी के कारण कड़ाके की सर्दी रही। अलसुबह खेतों में घना कोहरा छाया। चहुंओर ओस की लडिय़ां जमी नजर आई।

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Snowfall on the mountains, cold wave in Dhaulpur, sunny but cold wind chills

बर्फबारी पहाड़ों पर, शीतलहर धौलपुर में, धूप खिली पर सर्द हवा ने ठिठुराया

बर्फबारी पहाड़ों पर, शीतलहर धौलपुर में, धूप खिली पर सर्द हवा ने ठिठुराया

- न्यूनतम पारा पहुंचा 3 डिग्री पर

धौलपुर. पहाड़ों पर भारी बर्फबारी के बाद धौलपुर में ओस और शीतलहर की जुगलबंदी के कारण कड़ाके की सर्दी रही। अलसुबह खेतों में घना कोहरा छाया। चहुंओर ओस की लडिय़ां जमी नजर आई। मौसम विभाग की मानें तो मैदानी इलाकों में अभी शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। जिससे तापमान में और गिरावट आएगी। धौलपुर में रविवार को न्यूनतम पारा एक डिग्री और गिर गया। न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अधिकतम तापमान भी दो डिग्री गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सूरज निकलने के बाद मौसम साफ हो गया लेकिन, उत्तरी नम हवाओं के कारण तेज धूप में भी लोग ठिठुरते रहे।

एक सिंचाई की मिलेगी मदद

सर्दी के सीजन में पहली बार भारी मात्रा में ओस गिरने का सीधा फायदा रबी की फसलों को होगा। बुजुर्ग किसानों की मानें तो मध्यरात्रि बाद ओस व सुबह कोहरे की चादर रबी की छोटी फसलों के लिए अमृत वर्षा के समान है। इससे भूमि की नमी बढ़ जाएगी। दिसम्बर माह में तापमान तो कम रहा और सूखी सर्दी के कारण फसलों में नुकसान हुआ। ऐसे में अब ओस गिरने से पत्तों पर पानी नहीं ठहर रहा है। जिससे फसलों को फायदा ही होगा।

पाले से बचाव के उपाय

संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार विजय सिंह डागुर के अनुसार तापमान चार डिग्री से कम होने पर पाला जमने लगता है। साथ ही मौसम साफ हो और हवा का चलना बंद हो जाता है तो पाला जमने की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे फसल को बचाने के लिए नियमित अंतराल में हल्का पानी देना चाहिए। पानी कम हो वहां पर उत्तर-पश्चिम दिशा में मेढ़ों पर धुआं करनी चाहिए। व्यापारिक गंधक का अम्ल, थाई यूरिया या डीएमएसओ का निश्चित मात्रा में घोल देना चाहिए। अर्थात एक लीटर पानी 10 एमएल का उपयोग करना चाहिए। इसका छिडक़ाव करना चाहिए। जरूरी हो तो 15 दिनों में यह छिडक़ाव करें।

सर्दी से बचाएं पशुओं को

उधर, पशुपालन विभाग ने भी पशुओं को सर्दी से बचाने की एडवायजरी जारी की है। विभाग के उप निदेशक डॉ. रामावतार सिंघल ने कहा कि पशुपालक अपने पशुओं को बाड़े के अंदर ही रखें। चरने के लिए बाहर नहीं छोड़ें। गुड़-सौंठ का नियमित सेवन कराएं। गर्म कपड़ा, टाट या पल्ली पशुओं को ओढ़ाएं। गुनगुना या ताजा पानी पिलाएं। पशु को कोई भी परेशानी होने पर अपने नजदीकी पशुचिकित्सालय पर जाकर पशुचिकित्सक से संपर्क करें।