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DHOLPUR: बंद पड़ा एसटीपी प्लांट, बिना सफाई के सीधे चंबल में फेंका जा रहा गंदा पानी

शहर में सीवरेज के चैम्बरों से उफन रहे गंदे पानी से फिलहाल शहरवासियों को निजात मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। वजह से शहर के पास तगावली स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) अपग्रेडशन कार्य के चलते बंद पड़ा हुआ है।

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धौलपुर. तगावली स्थित बन रहा नया एसटीपी प्लांट।

धौलपुर. शहर में सीवरेज के चैम्बरों से उफन रहे गंदे पानी से फिलहाल शहरवासियों को निजात मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। वजह से शहर के पास तगावली स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) अपग्रेडशन कार्य के चलते बंद पड़ा हुआ है। वहीं, शहर से पहुंच रहा सीवरेज का पानी अब सीधे पंप हाउस के जरिए सीधे बीहड़ में छोड़ा जा रहा है। यानी पानी बिना ट्रीटमेंट के छोड़ रहा हैं। वहीं, जिस पंप हाउस से पानी छोड़ा जा रहा है, वह भी अपनी पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पा रहा है। पंप हाउस की केबिल कटने से यह जनरेटर से कुछ घंटे ही चल रहा है। पानी क्षमता से नहीं खींचने से शहर में जगह-जगह चैम्बरों से गंदा पानी सडक़ों पर फैल रहा है। जो लोगों ने परेशानी का सबब बना हुआ है।

10 एमएलटी का बन रहा नया एसटीपी प्लांट

उधर, अमृत 2.0 योजना के तहत यहां पुराने एसटीपी प्लांट के पास ही एक नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो रहा है। यह ट्रीटमेंट प्लांट शहर के विस्तार लेने और आने वाले समय में सीवरेज से अधिक पानी प्लांट तक पहुंचने को ध्यान में रखते हुए निर्माण हो रहा है। नए एसटीपी प्लांट में चौबीस घंटे में 10 एमएलडी पानी ट्रीट हो सकेगा। वहीं, पुराने प्लांट में भी इतना ही पानी ट्रीटमेंट होकर बाहर फेंका जाएगा।

पुराने प्लांट एनजीटी के मापदण्ड पर नहीं उतर था खरा

बता दें तगावली स्थित पुराना एसटीपी प्लांट एनजीटी के नियमों पर खरा नहीं उतर रहा था। एसटीपी प्लांट से पानी जांच का नमूना फेल हो रहा था और वह तय दिशा-निर्देशों की पालना नहीं कर पा रहा था। जिस पर इस प्लांट को अब एसबीआर तकनीक के अनुसार बनाया जा रहा है, जो अधिक पानी को अधिक शुद्धता के साथ बाहर फेंकेगा। अभी यह प्लांट यूएएसबी तकनीक पर चल रहा था जो पुरानी पड़ चुकी है।

ये है एसबीआर तकनीक

एसबीआर एक प्रकार की जैविक उपचार प्रक्रिया है। जिसका उपयोग सीवेज उपचार संयंत्रों में अपशिष्ट जल को संसाधित करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में फिलामेंटस बैक्टीरिया का उपयोग किया जाता है जिन्हें सक्रिय कीचड़ के रूप में जानी जाने वाली प्रक्रिया में समृद्ध किया जाता है। इस तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर अनुप्रयोगों में किया जाता है।

हत्या के प्रयास मामले में फरार समेत कई आरोपित गिरफ्तार

दिहौली थाना पुलिस ने अवैध शराब और आदतन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान हत्या के प्रयास में करीब पांच माह से फरार आरोपित मोहनप्रकाश उर्फ मोनू पुत्र चेतसिंह व मोहरसिंह पुत्र चेतसिंह को गांव सामौर से गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही विभिन्न प्रकरणों के आदतन अपराध के आरोपि राजकुमार, विक्रम, शंकरलाल को बीएनएसएस की विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया है। साथ ही गोविंद पुत्र भरतसिंह लोधा निवासी मरैना को अवैध देशी शराब के 48 पव्वो को ले जाते हुए पकड़ा है। अभियान के दौरान रामवीर पुत्र गरीबाराम, अनूपसिंह पुत्र वीरीसिंह, भूपेंद्र पुत्र जगन्नाथ, रवि पुत्र राजेंद्र सिंह, अमित पुत्र वीरेंद्र, गीताराम पुत्र अमर सिंह, सोनू पुत्र रामविलास, श्रीभगवान पुत्र रामगोपाल, हरीदत्त पुत्र राजवीर, रामगोपाल पुत्र लक्षण सिंह, मोलाराम पुत्र साहबसिंह, गंभीरसिंह पुत्र नेतराम को भी शांतिभंग में गिरफ्तार किया है।