-एग्जाम फोबिया से दूर रहने के जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने बताए गुर - कलक्टर बोले- मानसिक व शारीरिक फिटनेस भी बेहद जरूरी धौलपुर. आगामी दिनों में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अलावा महाविद्यालय स्तर की परीक्षाएं होगी। ऐसे में बच्चे एग्जाम फोबिया का शिकार होने लगते है।
नियमित व तनाव मुक्त होकर करें पढ़ाई, मिलेगा बेस्ट रिजल्ट
-एग्जाम फोबिया से दूर रहने के जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने बताए गुर
- कलक्टर बोले- मानसिक व शारीरिक फिटनेस भी बेहद जरूरी
धौलपुर. आगामी दिनों में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अलावा महाविद्यालय स्तर की परीक्षाएं होगी। ऐसे में बच्चे एग्जाम फोबिया का शिकार होने लगते है। जबकि योजनाबद्ध तरीके तैयारी की जाए तो आसानी से बेस्ट रिजल्ट दिया जा सकता है। इसके लिए परीक्षार्थियों को नियमित अध्ययन, धैर्य व सकारात्मकता होना आवश्यक होना जरूरी है।
यह कहना है धौलपुर जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल का। कलक्टर अग्रवाल ने बताया कि पढ़ाई के दौरान कभी भी शॉर्ट कट पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सत्र के दौरान नियमित अध्ययन करना ही सफलता का गुर है। परीक्षार्थी को पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन करना चाहिए, वहीं परीक्षा से पहले पांच से दस वर्ष से प्रश्न पत्र का अवलोकन कर उन्हें हल करना चाहिए, जाकि स्वयं का मूल्यांकन हो सके।
ग्रुप स्टडी करें
परीक्षा के दौरान तनाव को बिल्कुल भी हावि नहीं होने दे। इसके लिए अगर घर से दूर रह कर पढ़ाई कर रहे है तो तीन-चार जने मिल कर ग्रुप स्टडी कर सकते हैं। वहीं परीक्षा से पहले से ही सोशल मीडिया से दूर रहे। ऐसे में कोई समस्या होने पर एक-दूसरे से डिस्कस भी हो सकेगा और तनाव दूर करने के लिए एक घंटे पढ़ाई करने के बाद दस मिनट का ब्रेक अवश्य ले। इससे तनाव मुक्त होने में आसानी होगी।
टाइम मैनेजमेंट निर्धारित करें
परीक्षार्थी को पढ़ाई के लिए सुविधानुसार समय तय करना चाहिए। पढ़ाई करने से पहले पाठ्यक्रम सावधानीपूर्वक देखें। सभी विषयों को छोटे-छोटे हिस्से में बदल की पढ़ाई करें। इससे समय बचेगा और रिविजन करने करने के लिए समय भी बचेगा।
वीक पॉंइंट पर पकड़ बनाए
जो विषय या पाठ कठिन लग रहा हो पर पकड़ बनाने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए उस विषय को छोटे हिस्सों विभाजित कर पढ़ाई करें, वहीं जिस विषय पर पकड़ मजबूत है उन पर ज्यादा समय नहीं दें।
पढ़ाओ या बताओ
परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा से पहले याद किए हुए सवाल जवाब भूलने की समस्या आम है। ऐसे में छोटे-छोटे नोट्स बना लेने चाहिए। ताकि उन्हें समय अनुसार पढ़ा सके। वहीं इसके लिए जो पढ़ा हुआ है उसे अन्य को बताने या पढ़ाया भी जा सकता है।
प्रश्न पत्र को पूरा पढ़े
परीक्षा कक्षा में पेपर मिलने के बाद पहले सरसरी तौर पर नजर डाले, जो सवाल आसानी से आ रहे है उनको पहले करें, फिर दूसरे नम्बर पर उन सवालों को हल करें जो थोड़ा सोचने पर हल किए जा सकते है। ऐसे में उन सवालों के बारे में सोचने के लिए समय बचेगा जो आ नहीं रहे या कठिन लग रहे है। पेपर हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका में जो भी लिखा है उस पर नजर डालनी चाहिए, ताकि कोई गलती हुई हो तो उसे सुधारा जा सके।
परिवार का माहौल हो सकारात्मक
पढ़ाई व परीक्षा के दौरान परिवार का माहौल सकारात्मक होना आवश्यक है। परीक्षार्थी पर किसी प्रकार का दबाव व अपेक्षाएं नहीं होनी चाहिए। वहीं परीक्षार्थी को समय मिले तो घर के काम में हाथ बटाना चाहिए। ऐसे में नकारात्मक भाव मन में नहीं आएंगे। वहीं घर से दूर रह कर पढ़ाई कर रहे तो समय मिलने पर परिवारजनों से बात करते रहें।
योग व व्यायाम जरूर करें
मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना भी बेहद आवश्यक है। योग-ध्यान आदि करें। कोई न कोई आउटडोर गेम अवश्य खेलें। पौष्टिक व संतुलित आहार लें। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग निवास करता है।