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क्षेत्र में लावारिस श्वानों का आतंक, इस साल 9 माह में 5600 लोगों ने लगवाई एंटी रेबीज वैक्सीन

धौलपुर. जिले में लावारिस श्वानों का आतंक दिनोंदिन बढ़ रहा है। इसकी हकीकत जिला अस्पताल के आंकड़े बता रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्वान के काटने के लोग पहुंच रहे हैं।

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Terror of abandoned dogs in the area, this year 5600 people got anti rabies vaccine in 9 months

क्षेत्र में लावारिस श्वानों का आतंक, इस साल 9 माह में 5600 लोगों ने लगवाई एंटी रेबीज वैक्सीन

धौलपुर. जिले में लावारिस श्वानों का आतंक दिनोंदिन बढ़ रहा है। इसकी हकीकत जिला अस्पताल के आंकड़े बता रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्वान के काटने के लोग पहुंच रहे हैं। इसमें कई गंभीर हालत में आते हैं। गत दिनों दो बच्चियों को श्वान ने घर में घुस कर काट खाया। जिनका अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों की माने तो प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। इस साल 30 सितम्बर तक 5 हजार 600 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

उधर, देखने का मिल रहा है कि लावारिस श्वान के साथ पालतू श्वान भी लोगों पर हमला कर रहे हैं। यही कारण है कि जिला अस्पताल में एंटी रेबीज कक्ष के बाहर श्वान के काटने के मरीजों की लंबी कतार देखने को मिल रही है। इन दिनों शहर से लेकर गांवों तक में आवारा श्वान झुंड में दिखाई देते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से श्वान की नसबंदी पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन अधिकारी जिम्मेदारी से कतरा रहे हैं। जिला अस्पताल में जनवरी से अब तक के आंकड़े चिंतित कर रहे हैं। जिला अस्पताल के मुताबिक श्वान के काटने के हर साल औसतन 8 हजार मामले आते हैं। जानकारी के अनुसार शहर और गांवों से लोग एआरबी (एंटी रेबीज वैक्सीन) लगवाने जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. दीपक जिंदल ने बताया कि गत छह महीने से श्वान के काटने के अधिक लोग आ रहे हैं। इसलिए बरसात और सर्दियों के दिनों में एंटी रेबीज वैक्सीन की खपत बढ़ जाती है।

प्रजनन के महीनों में काटते हैं श्वान

बहुउदेशीय पशु चिकित्सालय के उप निदेशक डॉ.रामावतार सिंघल ने बताया कि साल में चार महीने श्वान के प्रजनन होता है। इन दिनों में श्वान हीट पर होते हैं। जिसकी वजह से वह झुंड में दिखाई देते हैं। इस समय अगर इन्हें कोई छेड़ता है तो यह हमला कर देते हैं। यही वजह है बरसात के दिनों में श्वान के काटने के केस ज्यादा बढ़ जाते हैं। इनके प्रजनन का समय मार्च व अप्रेल माह तथा इसके अलावा सितम्बर और अक्टूबर महीने में अधिक शिकार होते हैं।

इनको पकडऩे की जिम्मेदारी इन विभाग की

लावारिस श्वान को पकडऩे की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में नगर परिषद तथा नगर पालिका की है। जो आवारा श्वानों को पकडकऱ इनका पशुचिकित्सालय में इलाज कराएगी। वहीं ग्राम पंचायत क्षेत्र में पंचायत प्रशासन की होती है। लेकिन यहां तो जिम्मेदार प्रशासन अपनी जिम्मेदारी तक नहीं निभा पा रहे हैं। धौलपुर नगर परिषद क्षेत्र में श्वानों के हमले की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।

- जिला अस्पताल में रोजाना औसतन श्वान के काटने 50 से अधिक व्यक्ति पहुंच रहे है। पहले 10 से 12 लोग ही आते थे, अब संख्या बढ़ गई है। श्वान काट लेता है तो सबसे पहले साफ पानी से काटने वाले स्थान को साफ करना चाहिए। उसके 24 घंटे के अंदर एआरबी इंजेक्शन लगवाना चाहिए। श्वान की हत्या नहीं करनी चाहिए।

- डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार, पीएमओ जिला अस्पताल धौलपुर

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जिला अस्पताल में एआरबी के आंकड़े-

तिथि पीडि़त

22-9 65

23-9 70

26-9 85

27-9 92

29-9 65

30-9 54

3-10 52

(स्त्रोत: जिला अस्पताल)