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अपहरण व पुलिस पार्टी पर हमले के मामले में आरोपी को 10 वर्ष का कारावास

करीब 12 साल पुराने अपहरण व पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के मामले में विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभाव क्षेत्र धौलपुर ने आरोपी को 10 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपहरण के इस मामले में अन्य आरोपियों को मफरूर घोषित किया गया है।

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अपहरण व पुलिस पार्टी पर हमले के मामले में आरोपी को 10 वर्ष का कारावास The accused got 10 years imprisonment in the case of kidnapping and attack on police party

धौलपुर. करीब 12 साल पुराने अपहरण व पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के मामले में विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभाव क्षेत्र धौलपुर ने आरोपी को 10 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपहरण के इस मामले में अन्य आरोपियों को मफरूर घोषित किया गया है। कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक मुकेश सिकरवार ने बताया कि 12 दिसंबर 2012 को बृजेंद्र पाल सिंह पुत्र सूरजपाल सिंह बृजपुर थाना सिकरौली एटा उत्तर प्रदेश निवासी ने आगरा के सिकंदरा थाने में अपने बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पीड़ित विजेंद्र पाल ने बताया कि उसका बेटा नितेंद्र कुमार आगरा में नौकरी करता है। जहां 2 दिसंबर 2012 को वह अपने रूम से सब्जी खरीदने के लिए निकला था, उसके बाद वापस घर नहीं लौटा। उसकी आसपास और नाते रिश्तेदारी से लेकर हर जगह तलाश की गई, लेकिन नहीं मिला।

इसके बाद कुछ अज्ञात लोगों द्वारा कॉल आना शुरू हुआ। जिसमें बेटे का अपहरण करना बताया गया और साथ ही 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। वहीं पुलिस को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। वहीं अपरहणकर्ताओं द्वारा लगातार पीड़ित परिवार से बेटे की फिरौती को लेकर मांग की जाने लगी।

सिकंदरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और पीड़ित परिवारीजनों से फिरौती की रकम देकर बालक नितेन्द्र को छुड़वाने का तरीका अपनाया। अपहरणकर्ताओं की कॉल आने पर पीड़ित द्वारा फिरौती की रकम देने बात कही, जिसके बाद अपहरणकर्ता लगातार लोकेशन बदलते रहे। आखिरकार अपहरणकर्ताओं ने धौलपुर जिले के दिहौली थाना क्षेत्र में पापरीपुरा चंबल घाट के पास फिरौती की रकम लेने की बात कही। जिस पर पीड़ित तय स्थान पर पहुंचा और फिरौती की रकम देकर बेटे को छोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। इसी दरमियान पुलिस आ गई और अपहरणकर्ताओं से मुठभेड़ व फायरिंग हुई। अपहरणकर्ताओं ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की और मौके से भाग निकले। पुलिस ने अपहर्ता लड़के और फिरौती की रकम को कब्जे में ले लिया।

इसके बाद सिकंदरा आगरा के पुलिस क्षेत्राधिकारी समीर सौरभ ने घटना के बाद 3 जनवरी 2013 दिहौली थाने में पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने का मामला दर्ज कराया। जिसके बाद दिहौली पुलिस ने मामले में गहनता से जांच अनुसंधान किया। मामले में हनुमान दास उर्फ शत्रुघ्न सिंह पुत्र करतार सिंह निवासी तिघरा सदर थाना धौलपुर, बदन सिंह उर्फ छोटेलाल पुत्र उत्तम सिंह निवासी अब्दुलपुर थाना कंचनपुर और पातीराम सहित अन्य को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। उसी मामले में विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र के विशिष्ट न्यायाधीश राकेश गोयल ने 25 जून 2025 को सुनवाई के बाद दोषी पाये जाने पर आरोपी हनुमान दास उर्फ शत्रुघ्न सिंह को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।