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नियमों में उलझ कर रह गया मिड-डे मील कर्मचारियों का दर्द

- महंगाई बिगाड़ रही बजट: कुकिंग कन्वर्जन राशि में 9.6 फीसदी की बढ़ोतरी, इस दौरान महंगाई 30 से 40 फीसदी बढ़ी - दो साल पुराने मानदेय पर की 20 फीसदी की बढ़ोतरी, 15 रुपए का नुकसान धौलपुर. अगर किसी समारोह में 400 लोगों का खाना तैयार होता है, तो हलवाई व व्यवस्था में करीब 20 लोग काम करते हैं लेकिन, स्कूल में 400 बच्चों का खाना पकाने वाली मात्र तीन महिलाएं होती हैं।

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 The pain of mid-day meal workers remained entangled in the rules

नियमों में उलझ कर रह गया मिड-डे मील कर्मचारियों का दर्द

नियमों में उलझ कर रह गया मिड-डे मील कर्मचारियों का दर्द

- महंगाई बिगाड़ रही बजट: कुकिंग कन्वर्जन राशि में 9.6 फीसदी की बढ़ोतरी, इस दौरान महंगाई 30 से 40 फीसदी बढ़ी

- दो साल पुराने मानदेय पर की 20 फीसदी की बढ़ोतरी, 15 रुपए का नुकसान

धौलपुर. अगर किसी समारोह में 400 लोगों का खाना तैयार होता है, तो हलवाई व व्यवस्था में करीब 20 लोग काम करते हैं लेकिन, स्कूल में 400 बच्चों का खाना पकाने वाली मात्र तीन महिलाएं होती हैं। यही महिला कार्मिक 400 थाली भी साफ करती हैं। मानदेय के नाम पर पहले 1452 रुपए और अब 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1742 रूपए किए गए हैं। वह भी अभी तक कई महीनों का बकाया चल रहा हैं।

हर साल 10 प्रतिशत राशि मार्च में बढ़ाई जाती है। वर्ष 2021 में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई। अब सीधे 20 प्रतिशत वृद्धि की गई है। हालांकि, ऐसा होने से इनके कुल मानदेय में 15 रुपए कम बढ़े हैं। 58 रुपए प्रतिदिन पर काम करने वाली अल्प वेतनभोगी गरीब महिला कार्मिकों के लिए 15 रुपए भी बहुत होते हैं।

वहीं, महंगाई ने भी मिड-डे-मील का पूरा बजट बिगाड़ दिया है। डस रहा महंगाई का दंशवर्तमान समय में तेल, दाल, सब्जी और गैस के साथ सभी खाद्य सामग्री की चीजों के दाम 30 से 40 प्रतिशत बढ़ चुके हैं। लेकिन दो साल बाद केंद्र सरकार ने 7 अक्टूंबर को खाद्य सामग्री के बजट में 9.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की हैं। महंगाई के चलते बजट में इस बढ़ोतरी का कोई असर नहीं पड़ेगा।

ऐसे में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करा पाना संस्था प्रधानों के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे हालात में बच्चों को कहीं रोटी कम तो कही दाल में पानी ज्यादा मिल रहा हैं। कई स्कूलों में फल तो मिलना लगभग बंद ही हो गए हैं।टेबल 1... पिछले वर्षों में बढ़ी कन्वर्जन कॉस्टवर्ष पीएस यूपीएस2012 2.89 4.332013 3.11 4.652014 3.59 5.382015 3.76 5.642016 3.86 5.782017 4.13 6.182018 4.35 6.512019 4.48 6.712020 4.97 7.452021 00 002022 5.45 8.17टेबल 2... यूं बढती गई महंगाईवस्तु 2020 2022तेल 100 170सिलेंडर 700 1065चना दाल 50 100मिर्च 140 260धनिया 120 200हल्दी 120 200सब्जी 10 से 12 25 से 30यह हैं नियम, जो बढ़ा रहे चुनौतीसरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ के नामांकन के आधार पर मिड डे मील कार्मिक लगाने के नियम परेशानी बढ़ा रहे हैं।

स्कूलों में 50 के नामांकन पर एक, 51 से 150 पर दो तथा 151 से 400 तक के नामांकन पर तीन कार्मिक लगाने का प्रावधान हैं। ऐसे में मिड डे मील कार्मिकों पर काम का बोझ बढऩे के साथ-साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं लेकिन, सरकार न तो मानदेय और ना ही कुकिंग कंवर्जन चार्ज बढ़ा रही हैं।

इनका कहना है

वर्तमान स्थितियों में कुक कम हेल्पर का शोषण हो रहा है। 58 रुपए प्रतिदिन का मानदेय काफी कम है। कुक कम हेल्पर का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए। बच्चों के पोषण को प्रभावी बनाने के लिए कुकिंग कन्वर्जन चार्ज में महंगाई के अनुसार बढ़ोतरी की जानी चाहिए। - राजेश शर्मा, जिलाध्यक्ष, पंचायती राज कर्मचारी शिक्षक संघ