
- ग्रामीणों ने पुलिस पर बुजुर्गों को फंसाने का लगाया आरोप
सरमथुरा (धौलपुर). उपखंड में पुलिस का एक अजीबो-गरीब मामला देखने को मिला हैं। मृत्यु के दो माह बाद पुलिस ने मृतक व्यक्ति को बजरी माफिया बनाकर एफआईआर तक दर्ज कर ली। ग्रामीणों ने पुलिस की एफआईआर को फर्जी बताते हुए पुलिस की कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। मुकदमे से जुड़े तथ्य यह हैं कि आरोपी रामवीर गुर्जर निवासी हल्लूपुरा की मौत 30 नवंबर को हो गई थी। जबकि पुलिस ने अवैध चंबल बजरी खनन रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 जनवरी को सरमथुरा थाना पुलिस व डीएसटी ने चंबल नदी के हल्लूपुरा घाट पर कार्रवाई करते हुए बजरी खनन में संलिप्त एक ट्रेक्टर लोडर को जब्त किया था। पुलिस थाना सरमथुरा में हैड कांस्टेबल सुरेश चंद ने मुकदमा दर्ज कराते हुए ट्रेक्टर लोडर का संचालन करने वाले धर्म सिह गुर्जरए रामवीर गुर्जर, राजवीर गुर्जर, सुग्रीव गुर्जर, रामबृज गुर्जर, कासीराम गुर्जर, उदयसिह गुर्जर, गम्भीर गुर्जर निवासीगण हल्लूपुरा थाना सरमथुरा व रघुराज, औतार, भंवरसिह निवासीगण पहाड़पुरा मध्यप्रदेश के नाम वन्य जीव अधिनियम व फोरेस्ट एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। जबकि पुलिस की एफआईआर में नामजद आरोपी रामवीर की मौत दो माह पूर्व हो चुकी है। वहीं हल्लूपुरा गांव में रामवीर नाम का दूसरा कोई व्यक्ति नही हैं।
उधर, झिरी ग्राम पंचायत सरपंच प्रियंका जादौन ने बताया कि रामवीर पुत्र लखपत निवासी हल्लूपुरा की 30 नवंबर को मृत्यु होने के बाद ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका हैं। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा ऑनलाइन आवेदन कर प्रोसेस पूरी की गई थी।
Published on:
05 Feb 2025 06:51 pm
बड़ी खबरें
View Allधौलपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
