
गांव को नशामुक्त बनाने का दावा करने वाला सरपंच खुद मिला नशे में धुत
गांव को नशामुक्त बनाने का दावा करने वाला सरपंच खुद मिला नशे में धुत
- पुलिस ने शराब पीकर उत्पात मचाने के मामले में किया गिरफ्तार
धौलपुर. ग्राम पंचायत को नशामुक्त बनाने का दावा करने वाला एक सरपंच खुद ही नशे में धुत होकर उपद्रव मचाते गिरफ्तार हो गया है। कोतवाली थाना पुलिस ने देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग 44 स्थित एक ढाबे पर शराब के नशे में उपद्रव मचाते हुए सरपंच और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। कोतवाली थाना प्रभारी अध्यात्म गौतम ने बताया कि देर रात कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि वाटर वक्र्स चौराहे के पास हाइवे पर स्थित ढाबे पर एक कार में बैठे दो लोग काफी देर से हंगामा कर रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां हंगामा कर रहे सखवारा ग्राम पंचायत के सरपंच रमगढ़ा निवासी मुकेश रावत (35) पुत्र गुलाब सिंह और उसके साथी महेंद्र दुबे (35) से समझाइश की तो ये पुलिस के साथ भी झगड़ा करने लगे। इस पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ नशे की हालत में हंगामा मचाने का केस दर्ज किया। कार को जब्त कर लिया गया है। सोमवार सुबह दोनों आरोपितों को जमानत पर रिहा किया गया है।बनाने चले थे नशा मुक्त पंचायत, खुद नशे में धुतसखवारा ग्राम पंचायत को सरपंच मुकेश रावत ने 23 दिसंबर 2021 को ग्राम पंचायत को नशा मुक्त ग्राम पंचायत बनाने का दावा किया था। उस समय सरपंच ने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि विधानसभा में आयोजित बाल संसद से प्रभावित होकर पंचायत को नशा मुक्त बनाने का संकल्प उनके मन में था। अब यह सरपंच खुद शराब पीकर हंगामा करते गिरफ्तार हुआ है।
Published on:
22 Mar 2022 11:03 am

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