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सडक़ से लेकर कॉलोनियों तक में भरा पानी, घरों में कैद हुए रहवासी

शहर में जगदीश टॉकीज स्थित बाड़ी रोड पर एक बार फिर से रविवार को सडक़ पर जलभराव हो गया। पानी जमा होने से यहां वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हुई। उधर, सडक़ के साथ पानी आसपास की कॉलोनियों में भी घुस गया।

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सडक़ से लेकर कॉलोनियों तक में भरा पानी, घरों में कैद हुए रहवासी

सडक़ से लेकर कॉलोनियों तक में भरा पानी, घरों में कैद हुए रहवासी

धौलपुर. शहर में जगदीश टॉकीज स्थित बाड़ी रोड पर एक बार फिर से रविवार को सडक़ पर जलभराव हो गया। पानी जमा होने से यहां वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हुई। उधर, सडक़ के साथ पानी आसपास की कॉलोनियों में भी घुस गया। इसमें भोगीराम नगर कॉलोनी के तो मुख्य रास्ते ही पानी में डूब गए। हालत ये है कि सडक़ किनारे बने कुछ घरों के तो बेसमेंट पानी से लबालब हो गए और परिजन घर में कैद होकर रह गए हैं। उधर, स्थानीय लोगों की शिकायत पर शाम को नगर परिषद आयुक्त किंगपाल सिंह ने मौके पर पहुंच जलभराव की जानकारी ली। वे छीतरिया ताल भी गए और संवेदक को जल्द कार्य करने के निर्देश दिए। गौरतलब रहे कि उक्त पानी बाड़ी रोड स्थित छीतरिया ताल के लबाबल होने पर पानी शहर की तरफ आत है। छीतरिया ताल में लीकेज होने से पानी यहां बाड़ी रोड पर कुछ कॉलोनियों पर भर जाता है। छीतरिया ताल में पानी रोकने के लिए नगर परिषद की ओर से गत वर्ष 6.5 करोड़ रुपए टेण्डर किया था। जिसका कार्य शुरू हो गया लेकिन बरसात शुरू होने से पानी वापस ताल से निकल कर शहर की तरफ आ गया।

जगदीश टॉकीज पर नाले चौक, निकासी बंद

बाड़ी रोड जगदीश टॉकीज और भोगीराम कॉलोनी समेत आसपास के इलाके में छीतरिया ताल का पानी भरने की मुख्य वजह शहर के नाले चौक होना है। यहां जगदीश तिराहे के पास मुख्य बड़े नाले हैं, जो चौक पड़े हैं। कई नाले से इमारतों के नीचे घुस गए हैं जिससे उनकी सफाई तक नहीं हो पाई रही है। पानी निकासी के लिए रास्ता नहीं मिलने से यह समस्या बनी हुई है। नगर परिषद अधिकारियों ने पिछले साल निरीक्षण किया जिसमें नालों की स्थिति चिंताजनक मिली।

6.5 करोड़ रुपए का हुआ टेण्डर, देरी से काम से वापस हुई समस्या

नगर परिषद ने जलभराव की समस्या को देखते हुए गत वर्ष करीब 6.5 करोड़ रुपए का टेण्डर किया था। जिसमें छीतरिया ताल से आने वाले पानी को मौके पर रोकना था। लेकिन कार्य देरी से शुरू होने से समस्या वापस शुरू हो गई। परिषद अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार ने कार्य शुरू कर दिया है लेकिन बरसात होने की वजह से परेशानी आ रही है। उसने पानी रोकने के लिए मिट्टी भी डलवाई जो बह गई। अधिकारियों का कहना है कि इस साल थोड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा, अगले साल लोगों को दिक्कत नहीं आएगी।

यहां घरों में कैद हो जाते हैं लोग

बाड़ी रोड पर पानी भरने से सबसे पहले सडक़ किनारे कॉलोनी भोगीराम में पानी घुसता है। दो दिन में यहां पानी कॉलोनी में घुस गया है। लोगों के निकलने तक का रास्ता नहीं बचा है। इसी तरह बाड़ी रोड पर यादव होटल के सामने, सडक़ के दूसरी तरफ कृष्णानगर कॉलोनी व गुरमेल कॉलोनी में पानी भर जाता है। यहां लोग घरों में कैद होकर रह जाते हैं। उधर, कृष्णा नगर कॉलोनी के लोगों ने पानी को दूसरी तरफ रोकने के लिए मिट्टी डलवा दी है। पिछले साल इस कॉलोनी में भी पानी घुस आया था।

मुश्किल से सूखा था पानी, फिर से भरा बेसमेंट

जगदीश टॉकीज के पास गुरमेल कॉलोनी निवासी अंजली गर्ग का बेसमेंट पानी से भर गया है। उनका कहना है कि बड़ी मुश्किल से पिछले साल का पानी सूखा था। करीब 5 से 6 माह पानी भरा रहा। अब वापस पानी बेसमेंट में जा घुसा है। उन्होंने कहा कि पानी निकलने का रास्ता ही नहीं है। वह और परिवार घर में कैद होकर रह जाते है। पति दुकान नहीं खोल पाते हैं। अधिक समस्या बच्चों की है, वह पानी की वजह से स्कूल नहीं जा पाएंगे। इसी तरह भोगीराम कॉलोनी में घुसते ही विजय दीक्षित दुकान करते हैं। वह सीमेंट बिक्री करते हैं लेकिन पानी आने से सीमेंट खराब हो गया। उन्हें काफी नुकसान हुआ है।

छीतरिया ताल में आता है आसपास का पानी

बाड़ी रोड स्थित मेडिकल कॉलेज के पीछे की तरफ छीतरिया ताल है। इसमें बरसात के दौरान पानी एकत्र होता है। ताल की पाल कमजोर होने और लीकेज की वजह से कुछ समय से पानी निकल कर ढलान की तरफ निकल जाता है जो शहर में जगदीश तिराहे तक पहुंचता है। ताल में बारुद फैक्ट्री, पुरानी छावनी एरिया, नवोदय विद्यालय के आसपास से पानी पहुंचता है।

बहाव वाले रास्तों पर अतिक्रमण से समस्या

शहरों में जलभराव की समस्या की वजह बहाव वाले रास्तों पर अतिक्रमण या निर्माण कार्य होना है। हाल में दिल्ली में हरियाणा की तरफ से आए पानी की वजह भी यही रही। पानी निकलने के लिए रास्ता नहीं मिलने से वह बस्तियों में घुस गया। ऐसी ही कुछ स्थिति जगदीश तिराहे के आसपास है। यहां पानी निकासी के लिए पहले नाला हुआ करता था, जिससे छीतरिया ताल का पानी आसानी से निकल जाता था। लेकिन अब निर्माण कार्य होने और नाले पर कथित तौर कब्जा होने से पानी निकलने का रास्ता नहीं बचा। बरसात के सीजन में यह समस्या अधिक आती है। ऐसी ही स्थिति शहर में कुछ और इलाकों में है। यहां मोदी तिराहा, जगन टॉकीज, कचहरी रोड, भामतीपुरा, बड़ी फील्ड समेत कई स्थानों पर जलभराव रहता है। इसी तरह खलतियों से होकर पहले पानी रेलवे लाइन की दूसरी तरफ निकल जाता था लेकिन अब निकासी का मुंह छोटा होने से पानी निकल रही पा रहा है।

- छतरिया ताल पर पानी को रोकने के लिए 6.5 करोड़ रुपए टेण्डर पास हुआ है। ठेकेदार ने कार्य भी शुरू कर दिया लेकिन बरसात होने से कार्य बाधित हो गया। बरसात थमने पर वापस कार्य शुरू कराया जाएगा। पानी रोकने के पूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों को अगले साल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। बाड़ी रोड पर एकत्र हुए पानी को निकलवाने का प्रयास होगा।
- किंगपाल सिंह, आयुक्त, नगर परिषद धौलपुर