
- शिक्षा विभाग ने कसी कमर, हालातों से सामंजस्य बैठाना रहेगी टेढ़ी खीर
- गिरता नामांकन और बच्चों को स्कूल तक लाना रहेगी सबसे बड़ी समस्या
- नामांकन बढ़ाने प्रवेशोत्सव का होगा शुभारंभ, चार चरणों में होगा सर्वे
धौलपुर. नवीन शिक्षा सत्र 1 अप्रेल से प्रारंभ होने जा रहा है। इसको लेकर शिक्षा विभाग और स्कूलों में तैयारियां जोरो से चल रही हैं। विभाग सत्र प्रारंभ होने में आ रही परेशानियों को दूर करने में लगा है, लेकिन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजकीय स्कूलों में गिरता नामांकन और बच्चों को स्कूल तक लाना प्रमुख रहेगा, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है।
ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि एक अपे्रल से स्कूलों में नवीन सत्र प्रारंभ होगा। सत्र के जल्द प्रारंभ होने से स्कूलों सहित बच्चों को भी परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। तो विभाग के सामने परीक्षाओं के तुरंत बाद बच्चों को स्कूल तक लाना भी कठिनाई भरा रह सकता है। हालांकि विभाग नामांकन बढ़ाने के लिए हर बार की तरह फिर से ‘प्रवेशोत्सव’ अभियान का शुभारंभ करने जा रहा है। अभियान के तहत 3 से 18 वर्ष तक के बच्चों को शत-प्रतिशत नामांकन से जोडऩा रहेगा। प्रवेशोत्सव को सफल बनाने के लिए हाउसहोल्ड सर्वे किया जाएगा, जिसका शुभारंभ 27 मार्च से प्रारंभ होगा। अभियान को चार विशेष चरणों में पूरा करने की योजना बनाई है, जो 27 मार्च, 6 अप्रेल, 10 अप्रेल और 15 अप्रेल को किया जाएगा।
घर-घर जाकर शिक्षक करेंगे सर्वे
अभियान की प्रत्येक तारीख को 25 प्रतिशत कार्मिकों का समूह सुबह से शाम तक घर-घर जाकर सिर्फ प्रवेशोत्सव हाऊसहोल्ड सर्वे एवं प्रविष्टि का कार्य करेगा। शेष 75 प्रतिशत कार्मिक विद्यालय में उपस्थित रह कर नियमित रूप से कार्य करते रहेंगे। इसी तरह अभियान के आगामी तीन अलग-अलग चरणों में शेष रहे कार्मिकों को 25-25 प्रतिशत के अनुसार घर-घर जाकर प्रवेशोत्सव हाऊसहोल्ड सर्वे एवं प्रविष्टि का कार्य करना होगा।
बच्चों को किया जाएगा चिह्नित
प्रवेशोत्सव अभियान के तहत ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जाएगा जो शिक्षा से दूर हैं, इसके अलावा ड्रॉप आउट बच्चों का भी नामांकन कराने पर जोर दिया जाएगा। जिसके लिए वार्ड स्तर और पंचायत स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सर्वे को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने हर स्तर पर एक कमेटी का भी गठन किया है, जो प्रवेशोत्सव अभियान पर अपनी पैनी नजर रखेंगे, जिस कारण कोई शिक्षक अभियान के दौरान ढिलाई न बरते।
गत वर्ष 1645 बढ़ा नामांकन
शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजकीय स्कूलों का नामांकन बढ़ाने की रहेगी, जो साल दर साल गिरता जा रहा है। हालांकि गत वर्ष यानी 2025-26 सत्र में 2024-25 के मुकाबले नामांकन में 1645 की थोड़ी वृद्धि देखी गई थी। 2025 में जिले के राजकीय प्रारंभिक स्कूलों में 63035 नामांकन था, जो 2025 में मामूली बढ़त के साथ 64680 दर्ज किया गया था, लेकिन नवीन सत्र में शिक्षा विभाग के लिए हालात कुछ और ही होंगे, क्योंकि इस सत्र विभाग को घर-घर पहुंचना ही होगा।
ग्रीष्मकालीन अवकाश में मिलेगा होमवर्क
नए सत्र प्रारंभ होने से पहले इस प्रयोग को सफल बनाने तैयारियां भी पूर्ण कर ली गई हैं। जानकारी के अनुसार एक अप्रेल से 15 मई के बीच 20 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा किया जाएगा। इसके बाद एक परीक्षा ली जाएगी, फिर छात्रों को किताबें और होमवर्क देकर 45 दिनों का ग्रीष्मकालीन अवकाश दिया जाएगा। होमवर्क का उद्देश्य यह होगा कि छुट्टियों में भी छात्रों की लर्निंग आउटकम बनी रहे और घर बैठे पढ़ाई से जुड़े रहें। अब तक गर्मी की छुट्टियों के दौरान करीब 45 दिन का समय पूरी तरह बर्बाद हो जाता था, जिसे उपयोगी बनाया जाएगा।
जुलाई में नहीं होगा दोबारा प्रवेश उत्सव
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फस्र्ट टर्म की परीक्षाएं 15 मई तक ले ली जाएंगी। ऐसे में जुलाई में दोबारा प्रवेश उत्सव नहीं मनाया जाएगा। विभाग का दावा है कि हर चीज पूरी प्लानिंग के साथ एग्जीक्यूट की जा रही है। प्राइवेट स्कूलों की मान्यता का पोर्टल खोला जा रहा है। बजट प्लानिंग, बोर्ड परीक्षा, असेसमेंट, पाठ्यपुस्तकों की समय पर आपूर्ति इन सभी के लिए स्पष्ट एकेडमिक टाइमलाइन तैयार की गई है।
नवीन सत्र एक अपे्रल से प्रारंभ होगा, जिसको लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। नामांकन बढ़ाने के लिए प्रवेशोत्सव अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान शिक्षक घर-घर जाकर शिक्षा से दूर बच्चों का चिह्नीकरण कर नाम पोर्टल पर दर्ज करेंगे। जिसके लिए टीमें भी गठित कर दी गई हैं।
-आरडी बंसल, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक
Published on:
26 Mar 2026 08:05 pm
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