
बरगद के पेड़ का हमारी संस्कृति में विशेष महत्व है। धर्म—ग्रंथों में इसका विशेष महत्व दिखता है। यह पेड़ स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही उपयोगी है। इसके पत्ते, फूल, फल, छाल और दूध सभी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। विशेष महत्व बरगद के दूध का है, यह दूध बेहद गुणकारी होता है और आयुर्वेद के मुताबिक वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में मददगार होता है। हालांकि इस दूध का सेवन चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए, क्योंकि यह एक आयुर्वेदिक औषधि है।

बरगद के दूध के गुणबरगद के दूध में गुण कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक होती है और इससे हड्डियों को मजबूती मिलती है। इसमें एंटीबैक्टिरियल गुण भी होते हैं, जो शरीर को सूजन और संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। हालांकि इसे थोड़ी ही मात्रा में ले सकते हैं, इसका स्वाद कसैला होता है और तासीर ठंडी। इसकी कुछ बूंदों को पताशे में डालकर खाया जाता है।

हड्डियों के लिए हड्डियों की सेहत की शरीर में कैल्शियम की उचित मात्रा होती चाहिए। बरगद के दूध में भी कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। महिलाओं को इसका सेवन करना चाहिए। इससे जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है। एंटीबैक्टीरियल गुण बरगद के दूध में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इससे चोट लगने या शरीर के कट लगने पर बरगद का दूध लगाने से घाव जल्दी भरता है। बरगद के दूध की तासीर ठंडी और स्वाद कसैला होता है। इससे फोड़ें-फुंसियों से छुटकारा मिल सकता है। बरगद के दूध का सेवन आपको हमेशा आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।