
Millets for Uric Acid|फोटो सोर्स – Chatgpt
Millets Khane Ke Fayde: बाजरा और अन्य मिलेट्स सिर्फ हेल्दी नहीं, बल्कि शरीर के लिए कई तरह के लाभ भी देते हैं। अगर आप अपनी डाइट में बाजरे की रोटी शामिल करें, तो यह Uric Acid को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है और साथ ही शरीर की सूजन को भी कम कर सकती है। छोटे बदलाव से ही शरीर पर बड़ा असर पड़ता है, और मिलेट्स इस बदलाव को आसान और स्वादिष्ट बनाते हैं।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, बाजरा एक पारंपरिक और पौष्टिक अनाज है, जो आज के समय में फिर से लोगों की थाली में जगह बना रहा है। यह ग्लूटेन-फ्री होता है और फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यही वजह है कि बाजरे की रोटी न सिर्फ पाचन सुधारती है, बल्कि यूरिक एसिड को संतुलित रखने में भी सहायक मानी जाती है।
बाजरा कम प्यूरिन वाला अनाज है। इसका मतलब यह है कि इसे खाने से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा नहीं रहता। गाउट या हाई यूरिक एसिड से परेशान लोगों के लिए यह एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
बाजरे में अच्छी मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। फाइबर शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे यूरिक एसिड का स्तर धीरे-धीरे संतुलन में आने लगता है।
बाजरे में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों में होने वाली सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। गाउट के मरीजों को इससे आराम महसूस हो सकता है।
बाजरे की रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। डायबिटीज और यूरिक एसिड के बीच गहरा संबंध होता है, ऐसे में बाजरा दोनों ही समस्याओं में सहायक साबित हो सकता है।
बाजरे की रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे ओवरईटिंग से बचाव होता है। मोटापा भी यूरिक एसिड बढ़ने का एक बड़ा कारण है, ऐसे में वजन संतुलित रखना फायदेमंद रहता है।
बाजरे की रोटी को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना आसान है। आप इसे गेहूं के आटे के साथ मिलाकर या फिर पूरी तरह बाजरे के आटे से बना सकते हैं। इसे हल्की सब्जी, दाल या छाछ के साथ खाने से इसका पोषण और भी बढ़ जाता है। यूरिक एसिड से परेशान लोगों के लिए दिन में एक से दो बाजरे की रोटी काफी मानी जाती है।
हालांकि बाजरा सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन किसी भी चीज की अधिकता नुकसान पहुंचा सकती है। जरूरत से ज्यादा बाजरा खाने से गैस या पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, नियमित हल्का-फुल्का व्यायाम करें और प्रोसेस्ड व ज्यादा तले-भुने खाने से दूरी बनाए रखें।बैलेंस डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर यूरिक एसिड को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है, और बाजरे की रोटी इसमें एक असरदार और देसी विकल्प साबित हो सकती है।
Updated on:
20 Jan 2026 01:15 pm
Published on:
20 Jan 2026 01:13 pm

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