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गर्मी में हैं सत्तू के कई फायदे, जानें यहां

गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के साथ लू से बचना चाहते हैं तो डाइट में सत्तू जरूर शामिल करें।

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गर्मी में हैं सत्तू के कई फायदे, जानें यहां

गर्मी में हैं सत्तू के कई फायदे, जानें यहां

गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के साथ लू से बचना चाहते हैं तो डाइट में सत्तू जरूर शामिल करें। कई अनाज का मिश्रण और फायबर से भरपूर होने के कारण सत्तू खास फायदा पहुंचाता है। गर्मियों में अक्सर पेट से जुड़ी समस्या के मामले देखने में आते हैं ऐसे में सत्तू का नियमित प्रयोग ऐसे रोगों से दूर रखता है। इसका ग्लाइसीमिक इंडेक्स कम होने के कारण इसे मधुमेह रोगी भी खा सकते हैं। इसके अलावा यह मोटापा भी दूर करता है।

चने वाले सत्तू में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और मकई वाले सत्तू में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। इसलिए आप चाहें तो दोनों सत्तूू को अलग अलग या मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं। जानते हैं सत्तू कितने प्रकार का होता है और इसके फायदे क्या हैं...

सत्तू तीन तरह का होता है -

जौ का सत्तू
जौ का सत्तू पाचन में हल्का होता है साथ ही शरीर को शीतलता प्रदान करता है। यह कब्ज दूर करके कफ और पित्त बाहर निकालता है। जो लोग धूप में पसीना बहाकर अधिक मेहनत करते हैं। उनके लिए सत्तू का सेवन फायदेमंद है।

जौ—चने का सत्तू
गर्मी में जौ—चने के सत्तू को पानी में घोलकर शक्कर के साथ मिलाकर पीने से शरीर को ठंडक मिलती है। चने के सत्तू को पानी, काला नमक और नींबू के साथ घोलकर पीने से पाचनतंत्र ठीक रहता है। जौ और चने के मिश्रण से बना सत्तू मधुमेह रोगियों के लिए खास फायदेमंद है। सत्तू में प्राकृतिक रूप से रक्त शोधन का गुण होता है, जिसकी वजह से ब्लड डिसऑर्डर से बचा जा सकता है।

चावल का सत्तू
चावल का सत्तू हल्का और शीतल होता है। ग्रीष्मकाल में बेहद शीतलता प्रदान करता है।

सत्तू पीने के फायदे
सत्तू पीने से मधुमेह और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। सत्तू में नींबू, नमक और जीरा डालकर पीने से बीपी नहीं बढ़ता है।
सत्तू लू लगने से भी बचाता है। साथ ही यह मोटापे को भी दूर करता है और एसिडिटी से बचाता है।
गर्मियों में मिचली आने की शिकायत अक्सर लोगों को होती है। रोज सत्तू पीने से उल्टी रुकती हंै और शरीर की कमजोरी भी दूर होती है।
यह शरीर को ठंडा रखता है ऐसे में गर्मी में शरीर का तापमान अधिक बढऩे से रोकता है।
इसमें फायबर की मात्रा अधिक होने के कारण यह पेट से जुड़ी समस्या जैसे कब्ज आदि से बचाता है।
अगर सत्तू का पानी पसंद नहीं है तो इसे आटे में मिलाकर रोटी के रूप में भी खा सकते हैं।
यह हृदय रोगों से भी दूर रखता है।