
spinach
हरी सब्जियों की बात आते ही सबसे पहले
पालक का नाम आता है। पालक में शरीर के लिए आवश्यक अमीनो एसिड, विटामिन-ए, फोलिक
एसिड, प्रोटीन और लौह तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें बीटा कैरोटिन नामक
विटामिन होता है जो आंखो के लिए लाभकारी होता है। इसे सब्जी, सलाद व सूप सभी तरह से
बनाकर खाया जा सकता है। पालक के फायदों व परहेज के बारे में बता रही हैं न्यूट्रीशन
विशेषज्ञ डॉ. प्रिया भरमा।
गर्भवती की सेहत
गर्भवती स्त्रियों में
फोलिक एसिड की कमी को दूर करने के लिए पालक खाना लाभदायक होता है। इससे हीमोग्लोबिन
बढ़ता है। इसमें मौजूद कैल्शियम बढ़ते बच्चों, बुजुर्गो और फीडिंग कराने वाली
महिलाओं के लिए फायदेमंद है। इससे याददाश्त भी बढ़ती है।
हृदय रोगों में
पालक में मौजूद फ्लेवेनोएड्स एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं जो रोग प्रतिरोधक
क्षमता में वृद्धि कर ह्वदय रोगों से लड़ने में भी मददगार हैं। इसमें पाया जाने
वाला बीटा कैरोटिन और विटामिन-सी टीबी से बचाता है। यह आर्थराइटिस व ओस्टियोपोरोसिस
की आशंका को भी घटाता है।
आंखों के लिए उपयोगी
पालक आंखों के लिए अच्छा
होता है। यह त्वचा को रूखा होने से बचाता है। साथ ही बालों को झड़ने से रोकता है।
पालक के पेस्ट को चेहरे पर लगाने से झाइयां दूर होती हैं।
डायबिटीज होने
पर
एक कटोरी पालक में सात ग्राम कैलोरी होती है जो वजन घटाने में सहायक होती है।
यह डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल व अल्फा
लिपोइक एसिड (एंटीऑक्सीडेंट) डायबिटीज के मरीजों में ग्लूकोज की मात्रा कम करने में
सहायक है।
इस तरह से खाएं...
उबला पालक: इसे खाने से शरीर में "विटामिन-ए"
की कमी दूर होकर त्वचा व बालों को पोषण मिलता है।
सब्जी: इसमें दाल, प्याज और
कम मात्रा में मसाले मिलाकर प्रयोग कर सकते हैं। पनीर मिलाकर सब्जी बनाने से
प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है।
सूप: पालक के सूप को आसानी से पचाया जा सकता है। यह
पाचनक्रिया को दुरूस्त रखता है। कब्ज के मरीजों के लिए व सर्जरी के बाद पालक खाना
लाभकारी होता है।
कब न खाएं: किडनी में पथरी होने पर पालक न खाएं। दरअसल पालक
में ऑक्सालेट नामक पदार्थ होता है जो शरीर में मौजूद कैल्शियम के साथ मिलकर
कैल्शियम-ऑक्सालेट (किडनी स्टोंस) बनाता है। पालक में प्रोटीन होता है इसलिए ऎसे
रोगी जिन्हे ब्लड यूरिया की वजह से घुटनों में दर्द की समस्या हो वे पालक का सेवन न
करें। यह वायुकारक होता है इसलिए मानसून में भी खाने से बचें।
Published on:
19 Sept 2015 04:40 pm
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