
कालीमिर्च को आयुर्वेद में औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
कालीमिर्च को आयुर्वेद में औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। इसका पाउडर गुड़ में मिलाकर खाने से खांसी, जुकाम व नजले में आराम होता है।
पिसी कालीमिर्च का काढ़ा बनाकर गरारे करने या इसके पाउडर को मंजन के रूप में दांत पर मलने से दांतदर्द में आराम मिलेगा।
5-6 कालीमिर्च पीसकर घी में मिलाकर खाने से शरीर से विषैले तत्त्व दूर होते हैं।
त्वचा पर छोटी फुंसियां हों और इनमें दर्द भी हो तो कालीमिर्च को पानी में पीसकर लगाने से आराम मिलता है।
सिरदर्द के दौरान यदि सिर में भारीपन हो तो कालीमिर्च का पाउडर सूंघें।
सब्जी या अन्य चीजों में इसका उपयोग खून को साफ करने में मददगार है।
कालीमिर्च पाउडर शहद में मिलाकर चेहरे पर लगाने से झाइयां दूर होती हैं।
काली मिर्च में पिपराइन मौजूद होती है और उसमें एंटी-डिप्रेसेंट के गुण होते है। जिस कारण काली मिर्च लोगों की टेंशन और डिप्रेशन को दूर करने में मदद करती है। काली मिर्च का सेवन दांतों से जुड़ी समस्याओं से राहत देता है। काली मिर्च से मसूड़ों के दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलता है।
Published on:
03 May 2019 02:06 pm
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