
सर्दियों में लहसुन का दूध पीने से कई तरह की मौसमी बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। वहीं लहसुन वाला दूध बैड कॉलेस्ट्रॉल को दूर करने में मदद करता है। लहसुन नसों को साफ करता है।

कोलेस्ट्रॉल ब्लड में पाए जाने वाला फैट पदार्थ है, यह फैट शरीर के लिए जरूरी भी है, लेकिन खराब लाइफस्टाइल और खान—पान में गड़बड़ी के कारण शरीर में बैड कॉलेस्ट्रॉल बढ़ने से ये नसों को ब्लॉक करना शुरू कर देता है। इस स्थिति में लहसुन खाना फायदेमंद हो सकता है।

लहसुन में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के साथ विटामिन-बी, सी, सेलेनियम, मैंगनीज और कैल्शियम जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं। दूध में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन-ए, डी, के और ई पाए जाते हैं। ये गुण मिलकर सेहत को फायदा पहुंचा सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हाई बीपी की समस्या होती है और दिल से जुड़ी बीमारियों जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसको कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। लहसुन वाला दूध डायबिटीज में भी फायदेमंद होता है। इससे शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। दूध में चीनी न मिलाएं। कुछ लोगों को दूध पीने से गैस की शिकायत रहती है। लहसुन वाला दूध मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाकर कब्ज की समस्या को दूर करता है। इससे पेट में गैस, ऐंठन, सूजन और अपच से आराम मिलता हैं। सर्दी खांसी की समस्या से आराम मिलता है।

लहसुन वाला दूध बनाने के लिए एक पैन में 100 मि.ली पानी, 10 ग्राम कुचला हुआ लहसुन और 100 मि.ली पानी मिलाएं। इससे तब तक उबाले, जब तक यह आधा न हो जाए। फिर इसे छानकर पिएं। इसे शाम या दिन में पीएं। हालांकि यदि आपको एसिडिटी की प्रॉब्लम है तो लहसुन दूध न पीएं। तय मात्रा में ही यह दूध लें। डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।