17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

immunity Booster: इम्यूनिटी बूस्ट करने में बेजोड़ है आंवला, अश्वगंधा, शतावरी का ये योग

Immunity Booster: आयुर्वेद में रसायन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं। रसायन कई औषधी योगों से बनने वाला ऐसा मिश्रण है जो एंटिऑक्सिडेंट, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला और स्ट्रेस को कम करता है। आयुर्वेद के अनुसार त्रिफला, ब्रह्मा रसायन

2 min read
Google source verification
Herbal immunity Booster, you can Try at Home

immunity Booster: इम्यूनिटी बूस्ट करने में बेजोड़ है आंवला, अश्वगंधा, शतावरी का ये योग

Immunity Booster: बेहतर इम्यूनिटी पॉवर से शरीर में कई बीमारियों और वारयल संक्रमण को पनपने से रोका जाता सकता है। आमतौर पर हम सभी जानते हैं कि पोषक तत्वों से भरपूर अच्छी डाइट, अच्छी लाइफस्टाइल जैसे नियमित एक्सरसाइज और योग द्वारा इम्यूनिटी पॉवर यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि विभिन्न चिकित्या पद्धति यानि आयुर्वेद, नेचरोपैथी, हौम्योपैथी और एलापैथी में इम्यूनिटी पॉवर को बूस्ट करने के लिए क्या विशेष उपचार दिया जाता है। आइए जानते हैं इनके बारे में:


ऐसे इम्यूनिटी बूस्ट करती है विभिन्न चिकित्सा पद्धतियां:
1. आयुर्वेद : आयुर्वेद में रसायन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं। रसायन कई औषधी योगों से बनने वाला ऐसा मिश्रण है जो एंटिऑक्सिडेंट, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला और स्ट्रेस को कम करता है। आयुर्वेद के अनुसार त्रिफला, ब्रह्मा रसायन व च्यवनप्राश अच्छे रसायनों में से एक हैं। खासकर च्यवनप्राश बनाने में मुख्य रूप से ताजा आंवले के साथ अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय समेत कुल 40 जड़ी बूटियां डाली जाती हैं। देखा जाए तो आंवला, अश्वगंधा, शतावरी और गिलोय का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान है। मेडिकल साइंस कहता है कि शरीर में अगर आईजीई का लेवल कम हो तो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। देखा गया है कि च्यवनप्राश खाने से शरीर में आईजीई का लेवल कम होता है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यह हैं खास - हल्दी, अश्वगंधा, आंवला, शिलाजीत, मुलहठी, तुलसी, लहसुन, गिलोय।

2. नैचरोपैथी : नैचरोपैथी के मुताबिक बुखार, खांसी और जुकाम जैसे रोगों को शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकालने का मेकनिजम माना जाता है। नैचरोपैथी में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अच्छी डाइट और लाइफस्टाइल को सुधारने के अलावा शरीर को डीटॉक्स भी किया जाता है। शरीर को डीटॉक्स करने के लिए खूब पानी पिएं। हाइड्रेशन के अलावा यह शरीर पर हमला करने वाले माइक्रो ऑर्गैनिजम को बाहर निकालने का काम भी करता है।

3. होम्योपैथी : होम्योपैथी में वाइटल फोर्स का सिद्धांत काम करता है। इम्युनिटी को बढ़ाना ही होम्योपैथी का आधार है। पूरी जिंदगी को वाइटल फोर्स ही कंट्रोल करता है। यही है जो जिंदगी को आगे बढ़ाता है। अगर शरीर की वाइटल फोर्स डिस्टर्ब है तो शरीर में बीमारियां बढ़ने लगेंगी। होम्योपैथी में मरीज को ऐसी दवा दी जाती है, जो उसकी वाइटल फोर्स को सही स्थिति में ला दे।

वाइटल फोर्स ही बीमारी को खत्म करता है और इसी में शरीर की इम्यूनिटी होती है। दवा देकर वाइटल फोर्स की पावर बढ़ा दी जाती है, जिससे वह बीमारी से लड़ती है और उसे खत्म कर देती है। होम्योपैथी में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आमतौर पर इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है।

4. एलोपैथी : जानकारों के मुताबिक एलोपैथी में शरीर की जीवनी शक्ति बढ़ाने को लेकर कोई खास दवा नहीं दी जाती है। एलोपैथी के मुताबिक, सलाह यही है कि आप अपने खानपान का ध्यान रखें, विटामिंस से भरपूर खाना लें और वैक्सीन जरूर लगवाएं। एलोपैथी में वैक्सीन पर ज्यादा जोर होता है। अगर कोई शख्स नॉर्मल है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक भी है तो भी उसे अपना टीकाकरण पूरा कराना चाहिए। इससे तमाम बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।

5.यूनानी चिकित्सा: इस चिकित्सा में खमीरा का इस्तेमाल बहुत खास है। यह किसी भी दवा दुकान पर मिल जाएगा। मोतियों का खमीरा या खमीरा मरवारीद की थोड़ी-सी मात्रा रोजाना दूध के साथ लेने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। दरअसल, खमीरे में ऐंटि-ऑक्सिडेंट और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने वाले तत्व पाए जाते हैं। इसके नियमित सेवन से मौसमी या पुराना बुखार खत्म हो जाता है। खमीरा खाने से दिल भी मजबूत होता है।