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IBS से हैं परेशान, तो खाने-पीने की ये पांच चीजें देंगी आराम

किसी भी बीमारी से पीड़ित होने पर कुछ ख़ास तरह की चीजों को ना खाने की सलाह दी जाती हैै। जैसे कि डायबिटीज के मरीजों को मीठी चीजें खाने से मना किया जाता हैं, सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों को ठंडी चीजें खाने से मना किया जाता हैं। इसी तरह आज हम आपको बता रहे हैं कि अगर कोई इरीटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से पीड़ित है तो उसे किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

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Five diets to help in IBS

Five effective diets in IBS symptoms

नई दिल्ली। इरिटेबल बॉवल सिंड्रोम (Irritable bowel syndrome) आंतों का एक ऐसा रोग है जिसमें पेट में दर्द, बेचैनी व मल करने में परेशानी होती हैं। पुरुषों की तुलना में यह बीमारी महिलाओं को अधिक प्रभावित करती है। कई बार तो कम उम्र के बच्चों को भी ये समस्या हो जाती है। IBS आंतों को खराब तो नहीं करता, लेकिन इसके खराब होने के संकेत देने लगता है। इससे व्यक्ति को शारीरिक तकलीफ महसूस होती हैं और कई शारीरिक क्रियाओं में भी परेशानी होती हैं।

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लक्षणः आंतों दर्द, कब्ज, दस्त, और सूजन ये सभी आईबीएस के लक्षण हैं और ये सभी कुछ भोजन से शुरू हो सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति अद्वितीय होती है, तले हुए खाद्य पदार्थ, डेयरी और शराब लक्षणों को बढ़ा सकते हैं और इसे अधिक आसानी से पचने योग्य खाद्य पदार्थों से बदला जा सकता हैं।

IBS होने पर खान-पान: IBS होने पर खान-पान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है वर्ना तकलीफ बढ़ जाती हैं। चलिए जानते हैं ऐसे भोज्य आहार के बारे में जो IBS में सहायक हो सकते हैं।

क्या खाएं

लीन मीट, चिकन, टर्की, पोर्क और लीन बीफ कट में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है। इससे खाना जल्दी पचता हैं और गट फ्लोरा द्वारा किण्वित नहीं होता है। इससे पाचन के दौरान छोटी आंत में गैस बनती है।

मछली में ओमेगा-3 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सूजन आईबीएस दर्द के मुख्य कारणों में से एक है और ओमेगा-3 सूजनरोधी है। इसके सेवन से भी आईबीएस में मदद मिल सकती है। एंकोवी, ब्लैक कॉड, मैकेरल, रेनबो ट्राउट, सार्डिन और सैल्मन ओमेगा -3 मछली के बेहतरीन स्रोत हैं।

सूखे मेवे में फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा -3 फैटी एसिड बहुत मात्रा में होते हैं, जो IBS के लक्षणों को कम करने के लिए सबसे अच्छे खाद्य पदार्थ साबित हो सकते हैं। इनमें असंतृप्त वसा भी शामिल है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गट फ्लोरा को पुनर्संतुलन करने में सहायता कर सकता है।

IBS पीड़ितों के लिए बादाम, ब्राजील, मैकाडामिया, पेकान और पाइन नट्स भी फायदेमंद हैं। इसमें बीज फाइबर और ओमेगा -3 फैटी एसिड में अधिक मात्रा में होते हैं।

चिया और अलसी दोनों आंतों के लिए अच्छे हैं और इन्हें अन्य व्यंजनों के ऊपर छिड़का जा सकता हैं।

IBS में कब्ज से राहत के लिए कद्दू और सूरजमुखी के बीज भी सहायक हो सकते हैं।

किण्वित आहार में प्राकृतिक प्रोबायोटिक स्ट्रेन्स अधिक होते हैं। यह वो बैक्टीरिया होते हैं जो कि भोजन को पचाने में सहायक होते हैं। बिना चीनी के किण्वित खाद्य पदार्थ जैसे कि सॉकरक्राट, किमची, दहीं आदि।

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IBS जैसी समस्याओं से बचने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपनी डाइट में अधिक से अधिक घुलनशील फाइबर वाली चीजों को शामिल करें। यह न सिर्फ आपके पाचन को सही करते हैं, बल्कि इससे आप कब्ज़ जैसी समस्याओं से भी बच जाते हैं। हरी सब्जियों और फलों का सेवन अधिक करें।

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