
कफ सीरप का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाहानुसार ही किया जाना चाहिए क्योंकि यह अलग-अलग कारणों से विभिन्न प्रकार की हो सकती है।
जब हमें खांसी होती है तो सामान्यत: हम कैमिस्ट से कफ सिरप लेकर बिना डॉक्टरी सलाह के ही पी लेते हैं। लेकिन कफ सीरप का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाहानुसार ही किया जाना चाहिए क्योंकि यह अलग-अलग कारणों से विभिन्न प्रकार की हो सकती है।
एंटीबायोटिक : बैक्टीरिया के संक्रमण से खांसी होने पर इसे एंटीबायोटिक से नियंत्रित किया जाता है।
कफ सप्रेसेंट्स : ये दवाएं कफ के लिए असरदार हैं।
एंटी-हिस्टामाइन्स : एलर्जी, खाने की चीज या दवा के रिएक्शन से खांसी होने पर एंटी-हिस्टामाइन्स कारगर मानी जाती है।
एक्सपेक्टोरैंट्स : वैट-कफ से परेशानी होने पर एक्सपेक्टोरैंट्स टैबलेट या सिरप उपयोगी हैं।
ये भी जानना है जरूरी -
ब्रोंकोडाइलेटर्स : ये अस्थमा के रोगियों को दी जाती हैं। खांसी की वजह से प्रभावित श्वासनली को आराम पहुंचाती हैं।
डीकंजेस्टेंट : नाक बंद होकर खांसी होने पर डीकंजेस्टेंट दवाएं काम करती हैं। ये सूजी हुई रक्त वाहिकाओं और ऊत्तकों को सिकोड़कर कंजेस्टेंट से राहत पहुंचाने वाली दवाएं हैं।
Published on:
11 Apr 2019 01:39 pm
बड़ी खबरें
View Allडाइट फिटनेस
स्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
