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खांसी का सिरप लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

कफ सीरप का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाहानुसार ही किया जाना चाहिए क्योंकि यह अलग-अलग कारणों से विभिन्न प्रकार की हो सकती है।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Apr 11, 2019

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कफ सीरप का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाहानुसार ही किया जाना चाहिए क्योंकि यह अलग-अलग कारणों से विभिन्न प्रकार की हो सकती है।

जब हमें खांसी होती है तो सामान्यत: हम कैमिस्ट से कफ सिरप लेकर बिना डॉक्टरी सलाह के ही पी लेते हैं। लेकिन कफ सीरप का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाहानुसार ही किया जाना चाहिए क्योंकि यह अलग-अलग कारणों से विभिन्न प्रकार की हो सकती है।

एंटीबायोटिक : बैक्टीरिया के संक्रमण से खांसी होने पर इसे एंटीबायोटिक से नियंत्रित किया जाता है।

कफ सप्रेसेंट्स : ये दवाएं कफ के लिए असरदार हैं।

एंटी-हिस्टामाइन्स : एलर्जी, खाने की चीज या दवा के रिएक्शन से खांसी होने पर एंटी-हिस्टामाइन्स कारगर मानी जाती है।

एक्सपेक्टोरैंट्स : वैट-कफ से परेशानी होने पर एक्सपेक्टोरैंट्स टैबलेट या सिरप उपयोगी हैं।

ये भी जानना है जरूरी -
ब्रोंकोडाइलेटर्स : ये अस्थमा के रोगियों को दी जाती हैं। खांसी की वजह से प्रभावित श्वासनली को आराम पहुंचाती हैं।
डीकंजेस्टेंट : नाक बंद होकर खांसी होने पर डीकंजेस्टेंट दवाएं काम करती हैं। ये सूजी हुई रक्त वाहिकाओं और ऊत्तकों को सिकोड़कर कंजेस्टेंट से राहत पहुंचाने वाली दवाएं हैं।