
एसिडिटी से राहत के लिए खाली पेट आंवले का रस पिएं। आंवले को उबालकर और मिक्सी में पीसकर इसका रस तैयार कर सकते हैं। दो-तीन टुकड़े ताजे आंवले खाने से बदहजमी की समस्या नहीं होती।
एंटी-इन्फ्लैमेट्री और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों के कारण आंवला विषाक्त पदार्थों को निकालकर पेटदर्द में राहत देता है। आंवला पाचन शक्ति को मजबूत बनाकर अपच, एसिडिटी और कब्ज को दूर करता है।
आंवले को उबालकर टुकड़ों में काट लें। उसमें नमक मिलाकर धूप में सुखा लें। जैसे ही आपको बदहजमी जैसे लक्षण महसूस हों, तुरंत यह आंवला चबाएं। वैसे आप इसे मार्केट से भी खरीद सकते हैं।
एसिडिटी से राहत के लिए खाली पेट आंवले का रस पिएं। आंवले को उबालकर और मिक्सी में पीसकर इसका रस तैयार कर सकते हैं।
दो-तीन टुकड़े ताजे आंवले खाने से बदहजमी की समस्या नहीं होती।
गैस्ट्रिक व एसिडिटी की समस्या को दूर करने के लिए दिन में एक बार एक चम्मच आंवले का मुरब्बा जरूर खाएं।
आंवले के अलावा अजवाइन पेट की समस्याओं के लिए प्रभावी होती है। इसमें थाइमोल नामक तत्व होता है जो एसिडिटी से राहत दिलाता है और पाचन शक्ति बढ़ाता है।
समान मात्रा में अजवाइन व नमक का मिश्रण बना लें और बदहजमी होने पर इसका प्रयोग करें।
एक कप उबलते हुए पानी में एक छोटी चम्मच अजवाइन और जीरा डालें। इस मिश्रण को तब तक उबालें जब तक कि वह भूरे रंग का न हो जाए। इस मिश्रण को पीने से बदहजमी के लक्षणों से जल्द राहत मिलती है।
पाचनतंत्र में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर मठ्ठे के साथ अजवाइन लें, आराम मिलेगा।
खांसी होने पर अजवाइन के रस में एक चुटकी काला नमक मिलाकर प्रयोग करें। इसके बाद ऊपर से गर्म पानी पी लें, लाभ होगा।
ध्यान रहे हमेशा ताजी अजवाइन का प्रयोग करें क्योंकि ज्यादा पुरानी होने पर इसका तैलीय अंश नष्ट हो जाता है।
Published on:
23 Feb 2019 03:18 pm
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