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कम उम्र से ही ध्यान देंगे तो 50 बाद भी मजबूत रहेंगी हड्डियां

हड्डियों की ग्रोथ युवावस्था में सबसे अधिक होती है, अत: इस उम्र में खुद को सक्रिय बनाएं। आयरन-कैल्शियम रिच डाइट के साथ ही व्यायाम पर फोकस करें। इसमें वॉक, रनिंग सहित रिद्मिक इम्पैक्ट एक्सरसाइज से इन्हें मजबूत बना सकते हैं।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Sep 16, 2023

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हड्डियों की ग्रोथ युवावस्था में सबसे अधिक होती है, अत: इस उम्र में खुद को सक्रिय बनाएं। आयरन-कैल्शियम रिच डाइट के साथ ही व्यायाम पर फोकस करें। इसमें वॉक, रनिंग सहित रिद्मिक इम्पैक्ट एक्सरसाइज से इन्हें मजबूत बना सकते हैं।

इन चीजों से दूरी बनाएं
धूम्रपान व एल्कोहल जैसे व्यसन भी ऑस्टियोपोरोसिस के लिए जिम्मेदार होते हैं। साथ ही ये इस समस्या को बढ़ा भी देते हैं, अत: इनसे बचें। ५० की उम्र के बाद खाने में विटामिन डी3, कैल्शियम जैसे पोषक तत्त्वों की मात्रा बढ़ाएं। इनसे मजबूती मिलेगी।

ये टिप्स ध्यान रखें
कैल्शियम-प्रोटीनयुक्त डाइट लें।
इसमें हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, अत: ऐसा कोई काम न करें, जिससे इन्हें जोखिम का सामना करना पड़े।
शारीरिक अभ्यास जरूरी है, अत: इसे इग्नोर न करें।
लक्षण सामने आने पर तुरंत उपचार लें, ताकि इलाज हो सके।
खुद से कोई इलाज न लें और न ही दवाइयां बीच में छोड़ें।

उम्र का फैक्टर
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में और
५५ वर्ष से अधिक उम्र में पुरुषों में ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका होती है। एक रिसर्च के अनुसार, अधिक उम्र में 100 में से 30 लोगों की कूल्हे की हड्डी टूट जाती है, जिससे जीवन खतरे में पड़ जाता है।

आहार का विज्ञान
अधिक उम्र में दूध, चीज, डेयरी प्रोडक्ट्स सहित अच्छे स्वास्थ्य के लिए मौसम आधारित फल-सब्जियां, ड्राइ फ्रू ट्स, विटामिन व प्रोटीन से युक्त डाइट के साथ ही इम्युनिटी बूस्टर चीजें खाएं। ऑस्टियोपोरोसिस हो तो डॉक्टर से परामर्श करें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।