
होम्योपैथी इलाज के दौरान तंबाकू, शराब, सिगरेट या किसी अन्य नशीली चीज का सेवन न करें।
एलोपैथी में जिस तरह 400 से 500 एमजी की गोली होती है, उसी तरह होम्योपैथी में तीन से लेकर एक लाख की पोटेंसी (पावर) होती है। जिन्हें तीन स्केल डेसिमल, सेंटीसिमल और 50 मिलिसिमल में मापा जाता है। किसी भी दवा की पोटेंसी जितनी ज्यादा होगी उसका प्रभाव उतना ही अधिक होता है। जब दो दवाइयां लेनी होती हैं तो डॉक्टर रोगी को कुछ दिनों के गेप में दवा लेने के लिए कहते हैं क्योंकि दवा की मात्रा बढ़ाकर देने से उसका असर कई दिनों या हफ्तों तक रहता है। असर खत्म होने पर ही दूसरी दवा काम कर पाती है। दवा को सुबह या शाम में लेने के लिए कोई सख्त नियम नहीं होता, लेकिन विशेष समय में इसका असर ज्यादा होता है।
दवा के असर के लिए ये बातें याद रखें -
होम्योपैथी दवा की शीशी कभी खुली जगह पर न रखें और शीशी के ढक्कन को कभी भी खुला न छोड़ें। दवा चाहे लिक्विड हो या गोलियां हों दवा को खुले में रखने से ये बेअसर हो जाती है। दवा को हाथ में लेकर न खाएं इसे सीधे ढक्कन नें लेकर मुंह में डाल लें।
होम्योपैथी दवा खाने से आधे घंटे पहले और आधे घंटे बाद तक कोई चीज न खाएं। इससे दवा जल्दी और प्रभावी तरीके से असर करती है।
होम्योपैथी इलाज के दौरान तंबाकू, शराब, सिगरेट या किसी अन्य नशीली चीज का सेवन न करें।
Published on:
09 Dec 2018 05:07 pm
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