
कीमोथैरेपी व रेडिएशन थैरेपी के बाद जामुन खाने से फायदा होता है। 'सफेद दाग' से पीड़ित लोगों को इसे जरूर खाना चाहिए।
जामुन के फल, बीज और छाल का खास महत्त्व है। जामुन पेट से जुड़ी दिक्कतों से राहत के लिए रामबाण माना जाता है। दस्त, कब्ज, मधुमेह (टाइप-2) और पथरी की समस्या में जामुन काफी फायदा पहुंचाता है। इसमें कैंसररोधी गुण पाए जाते हैं। कीमोथैरेपी व रेडिएशन थैरेपी के बाद जामुन खाने से फायदा होता है। 'सफेद दाग' से पीड़ित लोगों को इसे जरूर खाना चाहिए।
न्यूट्रीशन इंडेक्स: 100 ग्राम जामुन लगभग 63कैलोरी ऊर्जा प्रदान करता है। इसमें 14 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 15 मिग्रा कैल्शियम, 2 मिग्रा आयरन, 35 मिग्रा मैग्नीशियम और 26 मिग्रा सोडियम होता है। जामुन विटामिन-सी और बी6 से भरपूर होता है।
कितनी मात्रा जरूरी : जामुन की 100 ग्राम तक मात्रा खाई जा सकती है।
ध्यान रखें : जामुन को खाली पेट नहीं खाना चाहिए। भोजन करने के 20-30 मिनट बाद ही जामुन को खाएं।
इनके लिए मनाही -
जामुन को कभी भी दूध के साथ न खाएं। वरना यह पेट से जुड़ी कई समस्याएं पैदा कर सकता है।
Updated on:
03 Jun 2019 06:58 pm
Published on:
04 Jun 2019 10:10 am
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