22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आग ने उजाड़ दिया गरीब का आशियाना, सारा सामान जलकर खाक

अज्ञात कारणों से लगी आग, समनापुर क्षेत्र के गांव झांखी बैगा टोला में हुई घटना

2 min read
Google source verification
dindori

आग ने उजाड़ दिया गरीब का आशियाना, सारा सामान जलकर खाक

डिंडोरी/समनापुर. आग की लपटो ने एक गरीब का आशियाना उजाड दिया। महीनों तक खून-पसीना बहाकर सर छिपाने के लिए झोपड़ी बनाने वाले गरीब के आंखों के सामने धू-धू कर उसकी पूरी गृहस्थी जलकर खाक हो गई। आग किन कारणों से लगी इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। वहीं इस घटना में घर के अंदर रखा पूरा सामान जलकर स्वाहा हो गया। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। आग किन कारणों से लगी इसका पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसारद थाना क्षेत्र समनापुर अन्तर्गत ग्राम झांखी बैगा टोला के टीकाराम पुत्र गणेश मरावी के घर में दोपहर ढाई बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग की लपटे इतनी भयावह थी कि छप्पर सहित कपड़े, अनाज, 5 हजार रूपये नगद की कुल गृहस्थी जल कर राख हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोपहर के वक्त गणेश अपनी पत्नी व बच्चों को घर में छोड़कर मजदूरी करने समनापुर गया था। गणेश की पत्नी भी बच्चों को दोपहर का भोजन कराकर नदी गई थी। लगभग ढाई बजे अचानक घर के बाहर रखे पैरा में लगी, आग ने भीषण रूप धारण कर घर को चपेट में ले लिया, बच्चों ने मां को नदी में जाकर जानकारी दी एवं शोरगुल मचाने पर गांव के लोगो ने तत्काल आग को बुझाने का प्रयास किया तब तक गणेश की कुल गृहस्थी जल कर राख हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार गणेश को लगभग 50 हजार रुपए की क्षति हुई है।

गर्मी के मौसम में अकसर आग लगने की घटनायें सामने आती रहती हैं गहाई के बाद खलिहान व घरों के आसपास कटाई कर रखा जा रहा है जहां थोडी सी असावधानी से आग लगने की घटनायें सामने आती रहती हैं। सार्ट सर्किट के साथ ही अन्य कई कारणों से आग जनी की घटनाएं घटित होती है। खासतौर से ग्रामीण अंचलो में अग्नि समन संसाधनों की अनुपलब्धता के चलते ग्रामीणों को आग जनी की इन घटनाओं में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। आग जनी की इन घटनाओं की सूचना मिलने के बाद भी दमकल वाहन या फिर अन्य संसाधन समय पर घटना स्थल पर उपलब्ध नही हो पाते हैं। ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है।