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2 लाख 65 हजार रुपए में सिर्फ 65 हजार ही सरपंच ने जमा कराया, नोटिस का भी नहीं दे रहे जवाब

अब किस्तों में जमा कराने की कर रहे बातडिंडौरी. जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत बम्हनी सरपंच ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की बाजार नीलामी की राशि 2 लाख 65 हजार रुपए की एक मुश्त राशि ठेकेदार से 18 जून 2024 को ले ली थी, लेकिन ग्राम पंचायत के खाता में मात्र 65 हजार रुपए ही […]

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अब किस्तों में जमा कराने की कर रहे बात
डिंडौरी. जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत बम्हनी सरपंच ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की बाजार नीलामी की राशि 2 लाख 65 हजार रुपए की एक मुश्त राशि ठेकेदार से 18 जून 2024 को ले ली थी, लेकिन ग्राम पंचायत के खाता में मात्र 65 हजार रुपए ही जमा किए गए हैं। मामले मे जनपद पंचायत सीईओ सीपी साकेत ने 1 अक्टूबर 2024 को पत्र जारी कर बाजार नीलामी के ठेकेदार से तीन माह पूर्व लिए गए 2 लाख 65 हजार रुपए और ग्राम पंचायत के खाता में मात्रा 65 हजार रुपए जमा किए जाने के संबंध में 3 दिनों के अंदर अभिमत प्रस्तुत करने निर्देश दिए थे। पत्र जारी होने के दस दिन बाद भी ग्राम पंचायत बम्हनी सरपंच ने कोई अभिमत या बाजार नीलामी की शेष राशि ग्राम पंचायत में जमा नहीं कराई है। जनपद पंचायत सीईओ के पत्र को ग्राम पंचायत सरपंच ने ठण्डे बस्ते में डाल दिया है।
2 लाख 65 हजार में बाजार की नीलामी
ग्राम पंचायत बम्हनी में साप्ताहिक हॉट बाजार शुल्क वसूली के लिए ग्राम पंचायत ने बाजार नीलामी 18 जून 2024 को 2 लाख 65 हजार रुपए में की थी। किसी भी कार्य को ठेका देने से पहले निविदा प्रकाशित कराने का प्रावधान है, लेकिन ग्राम पंचायत बम्हनी के सरपंच, सचिव ने मनमानी पूर्वक बिना निविदा प्रकाशित कराए ही पूर्व में रहे अपने चहेते ठेकेदार को नियमों को दरकिनार करते हुए बाजार नीलामी का ठेका दे दिया है। बाजार नीलामी की राशि 2 लाख 65 हजार रुपए में से ग्राम पंचायत के खाते में महज 65 हजार रुपए ही जमा कराए गए हैं। ठेकेदार चरन लाल मलाठिया का कहना है कि बाजार नीलामी की पूरी राशि सरपंच को नगद दे दी गई है। इतना ही नहीं सरपंच ने हस्ताक्षर और सील लगी रसीद भी ठेकेदार को दी है। इसमें सचिव के हस्ताक्षर नहीं है। मामले को लेकर ग्राम पंचायत सरपंच का कहना है कि उसने बाजार नीलामी की पूरी राशि ले ली है। इस राशि को मार्च 2025 तक किश्तों में जमा करेंगे। सरपंच को बाजार नीलामी की पूरी राशि ग्राम पंचायत के खाता में एक साथ जमा करना चाहिए था। सरपंच मनमानी पूर्वक सरकारी राशि बंदरबाट करने में आमादा है।