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पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का किया जाएगा अध्ययन

संचालित योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन के निर्देश

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The social, educational and economic status of the backward classes will be studied

The social, educational and economic status of the backward classes will be studied

डिंडोरी. प्रदेश में पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का कार्य पिछड़े वर्ग की सामाजिक, शैक्षणिक आर्थिक और शासन के विभिन्न विभागों की संरचना एवं योजनाओं में पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान स्थिति का अध्ययन करना है। जिससे आयोग पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए राज्य शासन को सुझाव एवं अनुशसाएं प्रस्तुत कर सके। यह बात गौरीशंकर बिसेन विधायक एवं अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में कही। इस अवसर पर प्रदीप पटेल विधायक एवं सदस्य (राज्य मंत्री दर्जा) पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग, कलेक्ट रत्नाकर झा, पुलिस अधीक्षक संजय सिंह, अपर कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अंजू अरूण कुमार, डीएफओ डिंडोरी सलिल गर्ग, जिला भाजपा अध्यक्ष नरेन्द्र राजपूत, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यविभाग डॉ. संतोष शुक्ला, जिला शिक्षा अधिकारी राघवेन्द्र मिश्रा, प्राचार्य आईटीआई रमेश मरावी, एलडीएम डिंडोरी मोहन चौहान, कृषि उप संचालक अश्विनी झारिया सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में विधायक प्रदीप पटेल ने राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों एवं कॉलेजों में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या प्रस्तुत करने को कहा। जिससे प्राथमिक, माध्यमिक हाई स्कूल एवं उच्च शिक्षा में अध्यनरत विद्यार्थियों की संख्या का पता लगाया जा सके। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों से पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों की भी संख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के संबंध में पलायन, विवाह, शासकीय एवं अशासकीय सेवाओं में जाने वाले विद्यार्थियों की जानकारी भी प्रस्तुत करने को कहा।
योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करने निर्देश
प्रदीप पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार के द्वारा पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने सभी योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकों में पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराने में कठिनाई न होने दें। जिससे हितग्राही बैंकों से ऋण प्राप्त कर विभिन्न रोजगार एवं व्यवसाय प्रारंभ कर सकेंगे।
रोजगार उपलब्ध कराने लगाएं मेला
उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने प्रतिमाह रोजगार मेले का आयोजन करने के निर्देश दिए। जिससे रोजगार मेले में युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध हो सके। उन्होंने पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए रोजगार सृजन के कार्यक्रम भी चलाने के निर्देष दिए। प्रदीप पटेल ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के किसानों की भूमि का भी सर्वे किया जाए। किसानों का वर्गीकरण एक एकड़ से कम भूमिधारक किसान, पांच एकड़ से कम भूमिधारक किसान और पांच एकड़ से अधिक भूमिधारक किसानों के रूप में किया जाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में सिंचित व असिंचित भूमि की स्थिति को भी बताना होगा।
शासन की योजनाओं की दें जानकारी
विधायक पटेल ने कहा कि पिछड़ा वर्ग द्वारा गठित विभिन्न सामाजिक संगठनों से संपर्क करें। उन्हें शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दें। जिससे वे अपनी सामाजिक गतिविधियों में शासन की योजनाओं के बारे में लोगों को बता सकें। उन्होंने कहा कि जिले में पिछड़ा वर्ग का आंकलन करने के लिए सातों विकासखण्डों की 14 ग्राम पंचायतों का चयन करें। जिसमें जिले के सभी पिछड़ा वर्ग के लोग समाहित हो सकें। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पडऩे पर अन्य ग्रामों का भी चयन कर लें। यह सुनिश्चित करें कि इस अभियान में कोई भी पिछड़ा वर्ग के लोग न छूट पाएं।
पंजीयन एवं आय की ली जानकारी
वहीं यह भी कहा कि जिले में पिछड़ा वर्ग की संख्या का आंकलन के लिए ग्राम पंचायतों के वार्डवार समीक्षा की जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विभागीय कर्मचारियों के दल का गठन किया जाए। इस दल में पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक को शामिल किया जाए। उन्होंने नगर पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के दुकानों की पंजीयन एवं आय की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। इसी प्रकार से आयकर विभाग से जानकारी लेने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछड़ा वर्ग ने जिले के विभागों की जानकारी नियमित रूप से आयोग के भेजने के निर्देश दिए।