3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आयुर्वेद से जानें रक्त की शुद्धि के उपाय

अक्सर माना जाता है कि वायु प्रदूषण से रक्त दूषित होने लगता है जो कि गलत धारणा है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Shankar Sharma

•

Updated: 21 Apr 2018, 5:52 AM IST

cleansing blood

अक्सर माना जाता है कि वायु प्रदूषण से रक्त दूषित होने लगता है जो कि गलत धारणा है। दूषित वायु हमारी संास के जरिए फेफड़ों तक पहुंचती है जो ऑक्सीजन की जगह लेने लगती है। धीरे-धीरे कार्बनडाईऑक्साइड की मात्रा बढऩे लगती है जिससे हीमोग्लोबिन रक्त को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा पाता, इस स्थिति को कार्बोऑक्सीहीमोग्लोबिन कहते हैं।

ऐसे बढ़ता है खतरा
शरीर को ९०-१०० % ऑक्सीजन की जरूरत होती है लेकिन प्रदूषण के कारण जब यह स्तर ९० % से कम हो जाता है तो हाइपोऑक्सिया (ऑक्सीजन की कमी) होने लगता है जिससे थकान, आलस, जुकाम, खांसी, आंखों में जलन व त्वचा संबंधी संक्रमण होने लगते हैं।

तुलसी का पौधा लगाएं
तुलसी वातावरण में मौजूद प्रदूषण को ३०त्न तक कम करती है। इसके लिए ७-११ तुलसी के पत्ते, अदरक, गुड़ व दो कालीमिर्च के दानों को एक गिलास पानी के साथ उबाल लें। एक चौथाई रहने पर इसे गुनगुना पिएं। हफ्ते में एक बार इस काढ़े को बनाकर पीने से दूषित वायु का असर कम होता है।

ये भी जानें
नेचुरोपैथी उपचार में आंतों की शुद्धि के लिए एनीमा दिया जाता है जिससे रक्त भी शुद्ध होता है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से खून साफ होता है। पत्तागोभी का जूस भी ले सकते हैं।

इन्हें आजमाएं
तुलसी के पत्तों के एक चम्मच रस को दो चम्मच शहद के साथ लेें। लेकिन डायबिटीज के मरीज न लें।
आधा चम्मच तुलसी के सूखे पत्तों का चूर्ण, एक चौथाई चम्मच सौंठ पाउडर व एक चम्मच शहद को मिलाकर चटनी बना लें। दिन में दो बार चाटें।
गिलोय का रस या आंवला व एलोवेरा का रस २-२ चम्मच लें।
मिर्च-मसाले, तले-भुने और गरिष्ठ भोजन की बजाय सलाद, उबला व कच्चा खानपान लाभकारी होगा।
अनुलोम-विलोम व भस्त्रिका प्राणायाम रक्त को शुद्ध करते हैं। इन्हें सूर्याेदय के बाद व सूर्यास्त से पहले १५-१५ मिनट करें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

लाइफस्टाइल