
आपका भरोसा अच्छी व सकारात्मक सोच को और बढ़ावा देता है।
1. क्या आप मानते हैं कि सेहत के अनुशासन में आपकी भावुकता एक समस्या है और इसमें बदलाव जरूरी है?
अ: सहमत
ब: असहमत
2. आप खुद को ऐसा इंसान मानते हैं जो थोड़ी-सी बात पर भावुक होकर फैसले लेने लगता है?
अ: सहमत
ब: असहमत
3. जो कुछ भी अच्छा-बुरा मन में होता है, उसे अपने चेहरे पर लाने से रोक नहीं पाते?
अ: सहमत
ब: असहमत
4. आपकी नजर से देखें तो भावुकता आपकी ताकत भी है और सबसे बड़ी कमजोरी भी?
अ: सहमत
ब: असहमत
5. आप भावुकता व गुस्से में फर्क नहीं कर पाते और सेहत के साथ रिश्ते भी बिगड़ लेते हैं?
अ: सहमत
ब: असहमत
6. भावुकता के आवेग में आकर आप अक्सर ऐसे फैसले ले लेते हैं जो पेट पर भारी पड़ते हैं?
अ: सहमत
ब: असहमत
7. आपका मन सही सोचता है लेकिन उसे अच्छे फैसले में बदलने में पीछे रह जाते हैं?
अ: सहमत
ब: असहमत
8. आपके लिए कुछ नया करना तभी संभव होता है जब आप भावनाओं से प्रेरित होते हैं?
अ: सहमत
ब: असहमत
9. भावुकता आपसे ऐसे समझौते करा देती है जो धन व समय की बर्बादी होते हैं?
अ: सहमत
ब: असहमत
स्कोर और एनालिसिस
भावुकता 'बीमार' कर रही है: छह या उससे ज्यादा विचारों से सहमत हैं तो अफसोस के साथ कहना होगा कि आपकी सोच में बीमारी है। आपको सेहतमंद सोच और विचार बनाने में परेशानी होती है। लेकिन, इसका निदान आपके पास ही है। सकारात्मक सोच बनाने-बढ़ाने के छोटे-छोटे ऐसे उपाय करें जो भ्रांतियों व पूर्व-धारणाओं से मुक्त हों। ऐसा कर सकते हैं क्योंकि अपने मन के मालिक आप स्वयं हैं।
आपकी भावुकता 'स्वस्थ' है: छह या उससेे ज्यादा बातों से असहमत हैं तो निश्चित रूप से आपकी सेहत में स्वस्थ सकारात्मक सोच समाई है। आप व्यर्थ भावुक नहीं होते क्योंकि आपको अपनी आदतों और अनुभवों पर भरोसा है। आपका भरोसा अच्छी व सकारात्मक सोच को और बढ़ावा देता है।
Published on:
25 Feb 2019 01:42 pm
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