
Cardiac Arrest
कार्डियक अरेस्ट में कुछ मिनट ही जान बचाने के लिए मिलते हैं, जबकि हार्ट अटैक में पहले अटैके बाद अगर घातक रोग से कम नहीं है। अगर समय पर व्यक्ति को उपचार न मिले तो उसकी जान भी जा सकती है।
कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक में जाने अंतर
कार्डियक अरेस्ट में हृदय खून का संचार करना बंद कर देता है। जबकि हार्टअटैक तब आता है जब अचानक ही हार्ट की किसी मांसपेशी में खून का संचार रुक जाता है। ऐसा तब होता है जब कोई ब्लड क्लाटिंग आ जाए या खून हार्ट तक पहुंच न पाए। जबकि कार्डियक अरेस्ट में हार्ट ही खून को पंप करना रोक देता है।
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण -Cardiac Arrest warning signs
जब कार्डियक अरेस्ट आता है तो धड़कने बढ़ कर 300-400 तक हो जाती हैं। वहीं, ब्लड प्रेशर नीचे की ओर गिरने लगता है और दिल के फंक्शन में अनियमितता आ जाती है। इससे शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लड की सप्लाई नहीं हो पाती है।
1. हर्टबर्न बहुत ज्यादा बढ़ जाना
2. सांस लेने में तकलीफ या सीना भारी होना
3. अचानक से थकान और बेहोशी सा महसूस होना
4. रह रहकर चक्कर आना
5. ब्लड प्रेशर अनियंत्रित रहना
6. सीने में दर्द होना
7. मितली आना
8. धड़कने अनियंत्रित रहना
कार्डियक अरेस्ट के कारण-Cardiac Arrest Causes
1. नींद की कमी
2. शरीर को आराम न मिलना
3. जल्दी-जल्दी हैवी कार्डियो ट्रेनिंग करना
4. खून में अनियंत्रित और हाई ट्राइग्लिसराइड्स लेवल
5. हाई ब्लड शुगर लेवल
6. बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेना या फिर न लेना फैमिली हिस्ट्री
7. स्टेरॉयड, फैट बर्नर जैसे सप्लीमेंट्स का गलत इस्तेमाल।
इन गलतियों की वजह से कार्डियक अरेस्ट-Mistakes Of Cardiac Arrest
1-सांस फूलने, हाई ब्लड प्रेशर, लो ब्लड प्रेशर होने पर चेकअप न कराना।
2-नींद पूरी न होने पर भी वर्कआउट करना।
3-दिल और खून की जांच न कराना।
4-धूम्रपान करना, जरूरत से ज्यादा खाना और पीने से बचें।
5-रिफाइंड शुगर, कार्ब्स, जंक फूड, फास्ट फूड और रिफाइंड तेल का अधिक सेवन
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।
Updated on:
04 Jun 2022 12:32 pm
Published on:
04 Jun 2022 12:26 pm
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