
cheri tamatar benefits for health
नई दिल्ली। चेरी का एहसास कराने वाले चेरी टमाटर में घातक बीमारी कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह की रोकथाम के गुणों के कारण न केवल इसकी मांग बढने लगी है बल्कि किसान इसकी व्यावसायिक खेती करने में दिलचस्पी लेने लगे हैं । कुछ साल पहले तक चेरी टमाटर सितारा होटलों तक ही सीमित था परन्तु समय के साथ किसानों में इसकी खेती की रुचि बढ़ रही है। चेरी टमाटर के कई फायदे हैं और निकट भविष्य में यह देश के पॉलीहाउस सब्जी उत्पादकों और गृह वाटिका में एक आम फसल बन जायेगा। फलों के गुच्छों से लदी बेलें इसके पौधों को सजावटी रूप देती हैं। चेरी टमाटर लाल और पीले रंगों में उपलब्ध है।
लखनऊ के केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच) के निदेशक शैलेन्द्र राजन के अनुसार पोषक तत्वों से भरपूर चेरी टमाटर मुख्य रूप से एंटीऑक्सिडेंट होने के साथ साथ विटामिन सी और लाइकोपीन के धनी हैं । इसके एंटीऑक्सिडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स के साथ मिलकर कैंसर को रोकने में मदद करते हैं। इसके बायोएक्टिव यौगिक इसे हृदय रोग और मधुमेह के रोगियों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। अधिक लाइकोपीन ने इसे जापान में लोकप्रिय बना दिया है क्योंकि अनुसंधान ने उसे एक प्रकार के कैंसर को कम करने के लिए कारागार पाया गया है। लाइकोपीन प्रोस्टेट कैंसर को भी रोकने के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है। इन छोटे टमाटरों से स्वास्थ्य लाभ आम टमाटरों से कहीं अधिक है। चेरी टमाटर समान्य टमाटर से छोटे और आकार में गोल होने के कारण चेरी जैसे दिखते हैं । कुरकुरे और खट्टे - मीठे स्वाद, गूदे में कम पानी के कारण कच्चे खाने के लिए आम टमाटर से बेहतर विकल्प है। कुरकुरे लेकिन छोटे आकार के कारण इसका कई व्यंजनों के लिए विशेष तौर से उपयोग हो रहा हैं।
डॉ. राजन के अनुसार चेरी टमाटर को आमतौर पर सलाद के रूप में भी पसंद किया जाता है, आधे कटे फलों को स्वादिष्ट बनाने के लिए फलों के साथ इसे मिलाया जा सकता है। यह एक उत्कृष्ट क्षुधावर्धक के रूप में माना जाता है। आजकल, कई भारतीय व्यंजनों के रेसेपी में चेरी टमाटर को पसंद किया जा रहा है। यह पिज्जा टॉपिंग में पनीर के साथ अच्छी तरह से फिट बैठता है और विशेष स्वाद के लिए जाना जाता है। बेक्ड चेरी टमाटर स्वाद में और भी शानदार होता है। बढ़ती उपलब्धता के साथ, यह कई व्यंजनों में आम टमाटर को प्रतिस्थापित कर रहा है। इसकी खेती में रुचि रखने वाले किसान उत्पादन तकनीक को समझने के लिए संस्थान का दौरा कर रहे हैं। निकट भविष्य में, इसका उत्पादन बढ़ी हुई लोकप्रियता और खपत के साथ बढेगा। एक बार जब यह टमाटर सुपरमार्केट और शहर की सब्जी की दुकानों में प्रचलित हो जायेगा, तो मध्यमवर्गीय परिवारों द्वारा इसकी खपत और खेती बढ़ेंगी।
सीआईएसएच के वैज्ञानिक डॉ. एस आर सिंह ने बताया कि ग्रीनहाउस में सब्जियों की खेती करने वाले किसानों में चेरी टमाटर उगने में अत्यधिक दिलचस्पी है। इसे हाइड्रोपोनिक्स और अन्य मिट्टी रहित माध्यम से भी उगाया जा सकता है। बढती मांग के कारण आंध्र प्रदेश के सितारा होटलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष पालीहाउस विकसित किए गए हैं। अधिकतर यूरोपीय देशों से चेरी टमाटर के बीज आयात किया जा रहा हैं । भारतीय कृषि वैज्ञानिकों ने स्वदेशी किस्मों का सफलतापूर्वक विकास कर लिया है । निकट भविष्य में देश में उत्पादित बीज कम दरों पर आसानी से उपलब्ध होगा। संस्थान पिछले कई वर्षों से चेरी टमाटर की किस्मों का परीक्षण कर रहा है, जो उपयुक्त किस्म की पहचान करने और उत्पादन के तरीके को विकसित करने के लिए आवश्यक है। कई ग्रीनहाउस उत्पादकों को इसकी खेती का प्रदर्शन और मार्गदर्शन भी दिया गया है।
Published on:
16 Feb 2020 05:23 pm
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