
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ आहार योजना बेहद जरूरी है। युवावस्था में भी इसके मामले काफी आने लगे हैं। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यदि इस रोग की फैमिली हिस्ट्री है तो शुरुआत से ही डाइट का ध्यान रखें। डॉक्टर हमेशा हृदय रोगियों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं, लेकिन मुश्किल इस बात की होती है कि हृदय रोग होने पर क्या खाएं और क्या न खाएं। इसके लिए अपनाएं ये बातें-
ऐसा पोषण है जरूरी
सब्जियां व फल : फलों व सब्जियों में फाइबर, पोटैशियम और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्त्व (जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट) हृदय रोग से सुरक्षा प्रदान करते हैं। वे फोलेट का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत भी हैं, जो अमीनो
एसिड होमोसिस्टीन के रक्त स्तर को कम करने में मदद करता है।
साबुत अनाज- ये कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर हृदय रोग के जोखिम को कम करने का काम करते हैं।
फलियां, नट्स और बीज - ये कार्डियोवेस्कुलर जोखिम को कम करने में मदद करने के लिए प्लांट प्रोटीन, फाइबर, और सूक्ष्म पोषक तत्त्वों के अच्छे स्रोत हैं।
विटामिन ई युक्त भोजन - यह एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। यह एलडीएल कॉलेस्ट्रोल से बचाता है। इसके लिए एवोकाडो, गहरे हरे रंग की सब्जियां व साबुत अनाज खाएं।
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लहसुन - लहसुन भी कई गुणों से युक्त होता है। ताजा लहसुन में मौजूद एलिसिन तत्त्व, रक्त में एलडीएल कॉलेस्ट्रोल को कम करता है। इससे हृदय रोगों की आशंका कम होती है।
करें परहेज
चीनी, नमक, मांस, सोडा बेक्ड चीजें जैसे कुकीज, केक और मफिन, सफेद चावल, ब्रेड, पिज्जा और पास्ता, शराब, धूम्रपान, मक्खन, फ्लेवर्ड मिल्क, फुल फैट दही, फ्रेंच फ्राइज, आलू चिप्स, तला हुआ चिकन, डिब्बाबंद सूप आदि से परहेज करें।
ऐसा हो डाइट प्लान
सुबह- चाय या नारियल पानी।
नाश्ता-पोहा या स्प्राउट्स सब्जी परांठा या ओट्स चीला।
सुबह 11 बजे- छाछ, भुना मसाला पापड़ या मौसमी फल।
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लंच- चोकर के साथ गेहूं की रोटी (2), दाल पालक, सलाद, ब्राउन राइस 1 कप, उबली सब्जी, दही।
शाम का नाश्ता- भुना मखाना, खाखरा या भेल बिना नमकीन के।
रात का खाना- चोकर वाली गेहूं की दो रोटी, दाल सब्जी या दलिया।
सोने से पहले- एक कप लो फैट दूध (कसा हुआ अदरक या हल्दी और कालीमिर्च) के साथ उबालकर पी सकते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
21 Jun 2023 05:11 pm
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