
Coronavirus: WHO ने किया काेराेनाेवायरस के सच का खुलासा, झूठ साबित हुर्इ से बातें
coronavirus /strong>: दुनियाभर में खतरे का प्रयाय बन चुके कोरोनोवायरस ने अब तक चार हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। और एक लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं। लेकिन अब भी पूरी दुनिया में कोरोनावायरस काे लेकर अफवाहाें का बाजार गर्म है। लोगों के मन में कई मिथ हैं। जैसे- गर्म पानी से नहाने से कोरोना से बचेंगे, ठंड़ी से कोरोनावायरस खत्म नहीं होता आदि। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इन मिथकों को तोड़ते हुए एक एडवाइजरी जारी की है। आइए जानते हैं कोरोनोवायरस से जुड़े मिथ व सच के बारे में :-
मिथ- COVID-19 वायरस गर्म और नम जलवायु वाले क्षेत्रों में नहीं फैलता।
सच- COVID-19 वायरस गर्म और नम जलवायु क्षेत्रों सहित, किसी भी जलवायु क्षेत्र में फैल सकता है। यदि आप COVID-19 से प्रभावित क्षेत्र में हैं तो, बचाव का सबसे अच्छा तरीका हाथों को नियमित साफ रखना है। इससे आप संक्रमण से बच सकते हैं।
मिथ- ठंड का मौसम और बर्फ कोरोनावायरस को मार सकती है।
सच- इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ठंड का मौसम कोरोनावायरस या अन्य बीमारियों को मार सकता है।क्योंकि बाहरी तापमान या मौसम की परवाह किए बिना, मानव शरीर का तापमान सामान्य तौर पर लगभग 36.5 ° C से 37 ° C तक रहता है।
मिथ- हॉट बाथ से कोरोनावायरस रोका जा सकता है रोग की रोकथाम नहीं होती है।
सच- इस बात का कोई प्रमाण नहीं कि हॉट बाथ से कोरोनोवायरस को रोका जा सकता है। बल्कि ज्यादा गर्म पानी से ज्यादा आपकी त्वचा को जला सकता है।
मिथ- कोरोनोवायरस मच्छर के काटने से फैलता है।
सच- इस बात का कोई आधार नहीं कि कोरोनोवायरस मच्छर के काटने से फैल सकता हैं। यह एक श्वसन वायरस है जो संक्रमित व्यक्ति के लार, छींकने और खांसने पर फैलता है। बचाव के लिए खांसी और छींकने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ निकट संपर्क से बचें।
मिथ- हैंड ड्रायर्स से मर सकता है कोरोनोवायरस।
सच- नहीं, 2019-nCoV को मारने में हैंड ड्रायर्स कारगर नहीं हैं। नए कोरोनावायरस के खिलाफ खुद को बचाने के लिए, आपको अक्सर अपने हाथों को अल्कोहल-आधारित तरल पदार्थ, साबुन और पानी से धोना चाहिए।
मिथ- कोरोनोवायरस को खत्म करने के लिए यूवी लैंप का उपयोग किया जा सकता है।
सच- यूवी लैंप का उपयोग हाथों या त्वचा पर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यूवी विकिरण त्वचा की जलन पैदा कर सकता है।
मिथ- अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव नए कोरोनावायरस को मार सकता है।
सच- नहीं, शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव करने से शरीर में पहले से मौजूद वायरस नहीं मरते हैं। बल्कि इससे आपके आंख, नाक, मुंह को हानि पहुंच सकती है। हालांकि कीटाणुरहित जगहों पर इनका उपयोग उपयोगी हो सकता है।
मिथ- निमोनिया का टीका कोरोनावायरस से बचाव कर सकता है।
सच- नहीं, निमोनिया के खिलाफ टीके, जैसे न्यूमोकोकल वैक्सीन और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (एचआईबी) वैक्सीन, नए कोरोनावायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं।
यह वायरस इतना नया और अलग है कि इसे अपने टीके की जरूरत है। शोधकर्ता 2019-nCoV के खिलाफ एक टीका विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं, और WHO उनके प्रयासों का समर्थन कर रहा है। हालांकि ये टीके 2019-nCoV के खिलाफ प्रभावी नहीं हैं, लेकिन श्वसन संबंधी बीमारियों के इलाज में कारगर हैं।
मिथ- लहसुन खाने से नए कोरोनावायरस से संक्रमण को रोकने में मदद मिलती है।
सच- लहसुन एक स्वस्थ भोजन है जिसमें कुछ रोगाणुरोधी गुण होते हैं। हालांकि, अभी एेसा काेर्इ सबूत नहीं है कि लहसुन खाने से लोगों का नए कोरोनोवायरस से बचाव हुआ हाे।
मिथ- एंटीबायोटिक्स नए कोरोनोवायरस को रोकने और इलाज में प्रभावी हैं।
सच- नहीं, एंटीबायोटिक्स केवल वायरस के खिलाफ काम नहीं करते हैं। नया कोरोनावायरस (2019-nCoV) एक वायरस है और इसलिए, एंटीबायोटिक्स का उपयोग रोकथाम या उपचार के साधन के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, अगर आपको 2019-nCoV के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो आपको एंटीबायोटिक्स मिल सकती है क्याेंकि वहां बैक्टीरिया का सह-संक्रमण संभव है।
Published on:
13 Mar 2020 03:51 pm
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