
COVID-19 Myth: कलौजी के बीजों से ठीक हो सकता है कोरोनावायरस, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
coronavirus Myth: COVID-19 महामारी को लेकर सार्वजनिक तौर पर बहुत सारी सही जानकारी मौजूद होने के बावजूद, मिथक और गलत सूचनाएं सोशल मीडिया में प्रचलन में हैं। जिसमें कोरोना के उपचार के लिए तरह-तरह की चीजाें काे खाने से फायदा हाेने का दावा किया जा रहा है। ऐसा ही एक दावा है जो आजकल सोशल प्लेटफार्म पर लोगों को ध्यान खींच रहा है, और वो है कि कलौंजी (Nigella sativa) के बीजों में 100% हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन पाया जाता है और इसलिए ये COVID-19 को रोकने में प्रभावी हैं।
सोशल मीडिया में वायरल इस दावे में कहा गया है कि नाश्ते से पहले गर्म पानी और शहद के साथ 7 ग्राम कलौंजी के बीजों का सेवन कोरोनावायरस का इलाज कर सकता है।
ये है सच
वायरल पोस्ट में कुछ भी दावा किया जा रहा हो, लेकिन सच ये है कि न तो कलौंजी के बीजों में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पाया जाता है और न ही इस बात के कोई पुख्ता सबूत मौजूद हैं कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन मनुष्यों में एंटीवायरल गतिविधि को बढ़ावा देता है।
क्या काम आते हैं कलौंजी के बीज
कलौंजी के बीजों का उपयोग व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने वाले एजेंट के रूप में किया जाता है और इसे कई स्वास्थ्य-निर्माण गुणों के लिए जाना जाता है। इन बीजों से निकाले गए तेल में थाइमोल, थाइमोहाइड्रोक्विनोन (THQ), डाइथाइमोक्विनोन, थाइमोक्विनोन (TQ), निगेलिडाइन और निगेलिसिन जैसे असंतृप्त वसीय अम्ल और यौगिक होते हैं, जो बीजों को एंटीऑक्सिडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण प्रदान करते हैं।
अध्ययनों से पता चलता है कि कलौंजी के बीज मौसमी एलर्जी वाले रोगाें जैसे, बहती नाक, सर्दी जुकाम आदि में राहत देती है।
अल्जीरिया में किए गए एक अध्ययन से संकेत मिलता है कि यौगिकों नेगेलिडाइन और अल्फा-हेडेरिन SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि, यह सिर्फ एक प्रयोगशाला अध्ययन है।
Hydroxychloroquine
COVID -19 के उपचार के तौर पर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन ने हाल ही में लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन वास्तव में एक एंटीमाइलेरिया दवा है, जिसका कुछ समय के लिए एंटीवायरल प्रभावों के लिए अध्ययन किया गया है। एक लैंसेट अध्ययन के अनुसार, प्रयोगशाला अध्ययन में कई वायरस के खिलाफ दवा को प्रभावी दिखाया गया है। इसमें कोरोनावायरस और इन्फ्लूएंजा वायरस शामिल हैं। हालांकि, वैज्ञानिक अब तक मनुष्यों में यह परिणाम दोहराने में सक्षम नहीं हैं। और न ही यह दिखाने के लिए पर्याप्त पशु अध्ययन नहीं हैं कि यह दवा एक प्रभावी एंटी-वायरल एजेंट हो सकती है।
इससे पहले, चीन की कुछ रिपोर्टों और फ्रांस के एक छोटे से अध्ययन ने COVID-19 के खिलाफ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को अत्यधिक प्रभावी दिखाया था। हाल ही में, हालांकि, फ्रांस में किए गए एक अन्य छोटे अध्ययन ने दावा किया कि गंभीर सीओवीआईडी -19 वाले रोगियों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के प्रभावी होने का कोई सबूत नहीं था।
Published on:
09 Apr 2020 08:59 pm
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